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Fasal Bima Yojana Chandauli : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है. इसे खरीफ फसलों का बीमा कराने वाले ऋणी और गैर-ऋणी किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. लोकल 18 से चंदौली के जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव बताते हैं कि धान, मक्का, ज्वार और बाजरा जैसी खरीफ फसलों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को कुल बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा. जिले में बीमा कार्य की जिम्मेदारी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को सौंपी गई है. सूखा, जलभराव, ओलावृष्टि, भूस्खलन, बादल फटना, आकाशीय बिजली गिरने या असफल बुवाई की स्थिति में जांच के बाद तुरंत लाभ दिया जाएगा.
चंदौली. यूपी के चंदौली में किसानों के लिए काम की खबर सामने आई है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ की फसलों का बीमा कराने वाले ऋणी और गैर-ऋणी किसानों को शासन ने बड़ी राहत दी है. जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव लोकल 18 से बताते हैं कि बीमा कराने की अंतिम तारीख को 31 अगस्त से बढ़ाकर अब 10 सितंबर 2026 कर दिया गया है. चंदौली जिले में बीमा कार्य की जिम्मेदारी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को सौंपी गई है. धान, मक्का, ज्वार और बाजरा जैसी खरीफ फसलों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारक किसानों को कुल बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा, जो ऋणी किसान इस योजना में शामिल नहीं होना चाहते थे, उन्हें 24 अगस्त तक अपनी बैंक शाखा में लिखित ऑप्ट-आउट आवेदन देना था.
इन आपदाओं पर मिलेगा मुआवजा
इस बीमा योजना के तहत किसानों को व्यापक सुरक्षा दी जा रही है. सूखा, जलभराव, ओलावृष्टि, भूस्खलन, बादल फटना, आकाशीय बिजली गिरने या असफल बुवाई की स्थिति में जांच के बाद तुरंत लाभ दिया जाएगा. इसके अलावा फसल कटाई के बाद अगर 14 दिनों तक खेत में रखी फसल बेमौसम बारिश से बर्बाद होती है, तो उसका भी मुआवजा मिलेगा.
72 घंटे में बताना होगा
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव बताते हैं कि जिले में अब तक 7,376 किसान कुल 5,176.19 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा करा चुके हैं. यदि किसी प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान पहुंचता है, तो किसान को 72 घंटे के भीतर सूचना देनी होगी. किसान टोल-फ्री नंबर 14447 या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप (Crop Insurance App) के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. कृषि विभाग ने अपील की है कि सभी किसान 10 सितंबर से पहले बीमा प्रक्रिया पूरी कर लें.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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