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‘महाभारत’ के इंद्रदेव, कभी सिर पर था स्टारडम का ताज, फिर पाई-पाई को हुए मोहताज, वृद्धाश्रम में भी काटे दिन

Admin by Admin
September 8, 2026
in मनोरंजन
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‘महाभारत’ के इंद्रदेव, कभी सिर पर था स्टारडम का ताज, फिर पाई-पाई को हुए मोहताज, वृद्धाश्रम में भी काटे दिन


Last Updated:September 08, 2026, 04:31 IST

अगर आपने बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ देखी है, तो आपको इंद्रदेव का किरदार निभाने वाले एक्टर याद होंगे. उन्होंने अपने रोल से देशभर के दर्शकों के दिलों में जगह बना ली थी. उनकी जिंदगी में शोहरत का वो दौर भी आया, जब लोग उन्हें प्यार से ‘पंजाबी सिनेमा का अमिताभ बच्चन’ कहने लगे थे. उन्होंने ऐसा दौर भी देखा, जब उन्हें दवाइयों और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए स्ट्रगल करना पड़ा था.

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'महाभारत' के इंद्रदेव, कभी सिर पर था स्टारडम का ताज, फिर पाई-पाई को हुए मोहताजZoom

कभी ‘पंजाबी सिनेमा के अमिताभ बच्चन’ थे सतीश कौल (फोटो साभार: IANS)

नई दिल्ली: एक्टर उन कलाकारों में रहे हैं, जिन्होंने बड़े पर्दे से लेकर टीवी तक अपनी अलग पहचान बनाई. एक दौर ऐसा था, जब पंजाबी सिनेमा में उनका नाम ही फिल्म की पहचान माना जाता था. दर्शक उन्हें ‘पंजाबी सिनेमा का अमिताभ बच्चन’ कहते थे. उन्होंने बीआर चोपड़ा की महाभारत में इंद्रदेव का रोल निभाकर खूब लोकप्रियता हासिल की थी. हम एक्टर सतीश कौल की बात कर रहे हैं. जिंदगी के आखिरी मुश्किल दौर में भी उनके अंदर कलाकार का जुनून खत्म नहीं हुआ. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके अंदर एक्टिंग की आग अभी जिंदा है और अगर आज भी कोई उन्हें रोल दे, तो वह काम करने के लिए तैयार हैं.

सतीश कौल का जन्म 8 सितंबर 1946 को कश्मीर में हुआ था. बचपन से ही उनका मन अभिनय में रमा था. इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) में पढ़ाई की. एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने फिल्मों का रुख किया और धीरे-धीरे पंजाबी सिनेमा में अपनी जगह बनानी शुरू की. देखते ही देखते वह पंजाबी फिल्मों के बड़े सितारों में शामिल हो गए. सतीश कौल ने अपने लंबे करियर में करीब 300 हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम किया. पंजाबी सिनेमा में उनका स्टारडम इतना बड़ा था कि उन्हें ‘पंजाबी सिनेमा का अमिताभ बच्चन’ तक कहा गया. ‘सस्सी पुन्नू’, ‘इश्क निमाना’, ‘सुहाग चूड़ा’, ‘पटोला’, ‘आजादी’, ‘शेरा दे पुत्त शेर’, ‘मौला जट्ट’ और ‘पींगा प्यार दीयां’ जैसी फिल्मों में उन्होंने काम किया.

कई हिंदी फिल्मों में आए नजर
पंजाबी फिल्मों में मजबूत पहचान बनाने के बाद सतीश कौल ने हिंदी सिनेमा में भी कदम रखा. उन्होंने ‘कर्मा’, ‘वारंट’, ‘आग ही आग’, ‘कमांडो’, ‘राम लखन’ और ‘प्यार तो होना ही था’ जैसी फिल्मों में काम किया. हालांकि हिंदी फिल्मों में उन्हें पंजाबी सिनेमा जैसी बड़ी सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने लगातार काम करना जारी रखा. ‘प्यार तो होना ही था’ और ‘आंटी नंबर 1’ जैसी फिल्मों में भी वह नजर आए. उनके करियर में टीवी का दौर भी बेहद खास रहा. सतीश कौल की लोकप्रियता को देशभर में सबसे बड़ी पहचान बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ से मिली. इसमें उन्होंने इंद्रदेव का किरदार निभाया. उस समय ‘महाभारत’ घर-घर में देखा जाता था और इसके कलाकार रातों-रात देशभर में पहचाने जाने लगे थे. सतीश कौल भी इंद्रदेव के किरदार के बाद हिंदी टीवी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गए. इसके अलावा वह ‘विक्रम और बेताल’ जैसे चर्चित टीवी शो में भी नजर आए.

हादसे का हुए शिकार
कामयाबी मिलने के बाद सतीश कौल ने आगे भी कुछ नया करने की कोशिश की. मुंबई से पंजाब आने के बाद उन्होंने करीब 2011 में एक एक्टिंग स्कूल शुरू किया. उनका सपना था कि वह नई पीढ़ी के कलाकारों को अभिनय सिखाएं. लेकिन यह कोशिश सफल नहीं हो सकी और एक्टिंग स्कूल बंद हो गया. इस फैसले से उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. इसके बाद उनकी जिंदगी धीरे-धीरे मुश्किल दौर में जाने लगी. 2015 में सतीश कौल के साथ एक बड़ा हादसा हुआ. उनका हिप बोन टूट गया और वह करीब ढाई साल तक बिस्तर पर रहे. इसके बाद उन्होंने कुछ समय वृद्धाश्रम में भी बिताया. 2019 में वह वहां से निकलकर किराए के घर में रहने लगे. एक समय जिस कलाकार ने पर्दे पर बड़े-बड़े किरदार निभाए थे, वह अब अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान था.

कोराना में चली गई जान
सतीश कौल ने मई 2020 में एक इंटरव्यू के दौरान अपनी आर्थिक परेशानी के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के समय उन्हें दवाइयों, राशन और दूसरी जरूरी चीजों के लिए भी स्ट्रगल करना पड़ रहा था. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से मदद की अपील की. लेकिन इन मुश्किलों के बीच भी उनकी सबसे बड़ी चिंता काम को लेकर थी. उन्होंने कहा था कि उनके अंदर अभिनय की आग अभी जिंदा है और वह आज भी कोई भी रोल करने के लिए तैयार हैं. सतीश कौल को पंजाबी सिनेमा में उनके योगदान के लिए 2011 में पीटीसी पंजाबी फिल्म अवॉर्ड्स में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था. सतीश कौल का निधन 10 अप्रैल 2021 को लुधियाना में कोविड-19 से जुड़ी जटिलताओं के कारण हुआ. वह 74 साल के थे.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…

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Location :

New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

September 08, 2026, 04:31 IST





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