• Contact US
  • Privacy Policy
Sonebhadra Live
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

न लाठी, न डंडा… सिर्फ आवाज और बंदर रफूचक्कर, बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में बंदरों को खदेड़ रहे खान ब्रदर्स

Admin by Admin
September 7, 2026
in खेल
0
न लाठी, न डंडा… सिर्फ आवाज और बंदर रफूचक्कर, बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में बंदरों को खदेड़ रहे खान ब्रदर्स

[ad_1]

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में जब बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसी इंटरनेशनल प्रतियोगिता का मंच सजता है, तो दुनिया भर की नजरें तेज रफ्तार रैकेट और हवा में तैरती शटलकॉक पर टिकी होती हैं. लेकिन इसी चमचमाते इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम के बाहर एक समानांतर और अनोखा मुकाबला चल रहा होता है इंसानी हुनर और बंदरों की फितरत के बीच. इस मुकाबले के मुख्य किरदार हैं वे लोग, जिन्हें आम बोलचाल में ‘मंकी व्हिस्परर’ या लंगूर की आवाज निकालने वाले नुमाइंदे कहा जाता है.

स्टेडियम के गेट नंबर 16 के आसपास इरफान और अब्बास जैसे युवा मुस्तैदी से चक्कर लगाते हैं. इनके हाथों में न कोई लाठी होती है और न ही कोई आधुनिक उपकरण. इनका सबसे बड़ा हथियार है इनके गले से निकलने वाली खास आवाज ‘ईक-ईक-ईक’ और ‘हूप-हूप.’ यह कोई साधारण शोर नहीं, बल्कि खूंखार और इलाकेदार ग्रे लंगूर (Gray Langur) की चेतावनी भरी आवाज की सटीक नकल है. रीसस मैकाक (आम लाल मुंह वाले बंदर) लंगूरों के आक्रामक स्वभाव से स्वाभाविक रूप से डरते हैं. जैसे ही स्टेडियम के ऊंचे खंभों या पेड़ों की डालियों पर बंदरों का कोई झुंड दाखिल होने की कोशिश करता है, इन युवाओं की आवाज गूंज उठती है. आवाज सुनते ही बंदरों का दल दिशा बदलकर भाग खड़ा होता है.

दिल्ली में इंटरनेशनल टूर्नामेंट की सुरक्षा के लिए बुलाने पड़े ‘इंसानी लंगूर’.

विवाद, खेल और विंबलडन की मिसाल
हाई-प्रोफाइल वैश्विक आयोजनों में बंदरों को भगाने के इस देशी नुस्खे को लेकर अक्सर प्रशासनिक स्तर पर खींचतान और आलोचना देखने को मिलती है. एक तरफ जहां खेल प्राधिकरण और नगर निगम आधिकारिक तौर पर ऐसे लोगों को काम पर रखने की बात से पल्ला झाड़ते हैं, वहीं ठेकेदारों के जरिए तैनात ये कर्मी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक स्टेडियम की सीमाओं पर पहरा देते हैं.

इस व्यवस्था पर जब सवाल उठे, तो खेल जगत से इसके पक्ष में दिलचस्प तर्क आए. दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने सोशल मीडिया पर इसका समर्थन करते हुए विंबलडन का उदाहरण दिया. उन्होंने याद दिलाया कि विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के दौरान कोर्ट से कबूतरों को दूर रखने के लिए ‘रूफस’ नाम के प्रशिक्षित बाज (हॉक) का इस्तेमाल सालों से किया जाता रहा है. हर बड़े आयोजन की अपनी स्थानीय और जमीनी चुनौतियां होती हैं, और दिल्ली की चुनौती बंदरों का यह अनूठा उत्पात है.

2012 का प्रतिबंध और जिंदा लंगूरों से मिमिक्री तक का सफर
दिल्ली में बंदर भगाने का यह पेशा अचानक शुरू नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे चार दशकों का पारिवारिक इतिहास है. शाहरुख खान और वसीम खान जैसे पेशेवर बताते हैं कि उनके पिता नजर अली 40 साल पहले लखनऊ से चार लंगूर लेकर दिल्ली आए थे. शुरुआती दौर में वे लुटियंस दिल्ली में बच्चों के मनोरंजन के लिए लंगूरों के करतब दिखाते थे, लेकिन बाद में अधिकारियों की सलाह पर उन्होंने सरकारी दफ्तरों से उत्पाती बंदरों को खदेड़ने का काम शुरू किया.

साल 2012 इस पेशे के लिए सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब सरकार ने जंगली जानवरों के व्यावसायिक और बंधक इस्तेमाल पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया. परिवारों को अपने पाले हुए प्यारे लंगूरों को जंगलों और खुले इलाकों में छोड़ना पड़ा. रोजी-रोटी का संकट आया तो इन लोगों ने लंगूरों के साथ बिताए सालों के तजुर्बे को अपनी आवाज में ढाला. लंगूर तो चले गए, लेकिन उनकी आवाज इन युवाओं के गले में जिंदा रह गई.

जोखिम भरा जीवन और अनिश्चित भविष्य
संसद मार्ग, शास्त्री भवन, कृषि भवन से लेकर बड़े खेल परिसरों तक व्यवस्था बनाए रखने वाले इन मंकी व्हिस्परर्स का जीवन भारी जोखिमों से भरा है. करीब 800 रुपये की दिहाड़ी पर आठ घंटे धूप और धूल में पहरा देना, झुंड के सबसे आक्रामक ‘अल्फा’ बंदर की आंखों में आंखें डालकर उसे चुनौती देना और बंदरों के जानलेवा काटने का खतरा मोल लेना इनकी दिनचर्या का हिस्सा है. कई बार हाथ-पैरों पर लगे गहरे घावों पर देसी चूना लगाकर ही ये काम पर डटे रहते हैं.

जूलॉजिस्ट और पर्यावरणविद जहां इस तरीके को तात्कालिक मानकर नेटिंग और प्राकृतिक संतुलन पर जोर देते हैं, वहीं प्रशासनिक अमले के लिए यह फौरी राहत का सबसे कारगर जरिया बना हुआ है. शाहरुख और वसीम जैसे अनुभवी हुनरमंद अब यह नहीं चाहते कि उनकी अगली पीढ़ी इस खतरनाक रास्ते पर चले. वे अपनी संतानों को पढ़ा-लिखाकर एक सुरक्षित भविष्य देना चाहते हैं. फिर भी, जब तक दिल्ली की सड़कों और अंतरराष्ट्रीय खेल परिसरों में बंदरों की चहलकदमी जारी रहेगी, तब तक स्टेडियम की चमक-दमक के पीछे इन ‘इंसानी लंगूरों’ की गूंजती आवाजें व्यवस्था का एक अनदेखा लेकिन अहम हिस्सा बनी रहेंगी.

[ad_2]

Source link

Views: 60
Download Sonebhadra Live App
Previous Post

Mirzapur The Movie vs Hanuman Ansh: बॉक्स ऑफिस पर ‘मिर्जापुर’ का तूफान, तीसरे दिन धुआंधार हुई कमाई, 100 करोड़ क्लब में ‘हनुमान अंश’ की ग्रैंड एंट्री

Next Post

School Closed: यूपी के 4 जिलों में स्कूल बंद, कई शहरों में कक्षा 12वीं तक की हुई छुट्टी

Next Post
School Closed: यूपी के 4 जिलों में स्कूल बंद, कई शहरों में कक्षा 12वीं तक की हुई छुट्टी

School Closed: यूपी के 4 जिलों में स्कूल बंद, कई शहरों में कक्षा 12वीं तक की हुई छुट्टी

Related Posts

  • रिलीज से एक दिन पहले फिल्म को रुकवाने HC पहुंचे पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली, अदालत ने दिया झटका; क्या है पूरा मामला, Ncr Hindi News रिलीज से एक दिन पहले फिल्म को रुकवाने HC पहुंचे पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली, अदालत ने दिया झटका; क्या है पूरा मामला, Ncr Hindi News
  • पीवी सिंधू का फ्रेंच ओपन फाइनल में सपना टूटा, दक्षिण कोरिया की आन से यंग ने जीता खिताब, Sports Hindi News पीवी सिंधू का फ्रेंच ओपन फाइनल में सपना टूटा, दक्षिण कोरिया की आन से यंग ने जीता खिताब, Sports Hindi News
  • Asian Para Games में 2 भारतीय खिलाड़ियों ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर जीते गोल्ड मेडल; देश को मिले 100 पदक, Sports Hindi News Asian Para Games में 2 भारतीय खिलाड़ियों ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर जीते गोल्ड मेडल; देश को मिले 100 पदक, Sports Hindi News
  • दिग्गज पंकज आडवाणी ने जीता 29वां विश्व खिताब, विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप फाइनल में इंग्लैंड के रॉब हॉल को हराया, Sports Hindi News दिग्गज पंकज आडवाणी ने जीता 29वां विश्व खिताब, विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप फाइनल में इंग्लैंड के रॉब हॉल को हराया, Sports Hindi News
  • एशियाई पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 30 गोल्ड सहित जीते 114 मेडल, Sports Hindi News एशियाई पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 30 गोल्ड सहित जीते 114 मेडल, Sports Hindi News
  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement