संवाददाता@कृपा शंकर पांडेय……
— मिर्जापुर में हुए हादसे में मृतकों को आज दी गई अंतिम विदाई

मिर्जापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र स्थित एक क्रशर प्लांट में शनिवार दोपहर हुए हादसे में सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र के एक ही गांव के चार मजदूरों की मौत हो गई। डस्ट हटाने के दौरान ब्लास्टिंग से क्रशर प्लांट की मशीन का हिस्सा अचानक टूटकर मजदूरों के ऊपर गिर गया। मलबे में दबे चारों मजदूरों को जेसीबी की मदद से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसा शनिवार दोपहर करीब तीन बजे हुआ। मृतकों की पहचान 38 वर्षीय अशोक गोंड, 32 वर्षीय राकेश कुमार गोंड, 32 वर्षीय लाल बहादुर बैगा और 30 वर्षीय दुर्योधन विश्वकर्मा के रूप में हुई। सभी जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गवां गांव और उसके टोलों के रहने वाले थे। बताया गया कि चारों मजदूर रक्षाबंधन पर घर आए थे और करीब एक सप्ताह पहले ही दोबारा काम पर लौटे थे।

हादसे की सूचना पर मिर्जापुर के कमिश्नर और जिलाधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। एसपी अपर्णा रजक कौशिक के मुताबिक, हादसे के समय प्लांट मालिक या कोई कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई है।
रविवार को चारों शव उनके गांव पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। समाज कल्याण राज्यमंत्री एवं ओबरा विधायक संजीव कुमार गोंड समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। सोन घाट पर तीन मजदूरों का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि अशोक गोंड को रीति-रिवाज के अनुसार दफनाया गया।

ग्रामीणों ने खदान और क्रशर प्लांटों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाते हुए जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। करीब आठ माह पहले सोनभद्र में क्रशर से जुड़े खदान क्षेत्र में हुए हादसे में सात मजदूरों की मौत हुई थी। अब चार मजदूरों की मौत ने एक बार फिर खनन और क्रशर इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।