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Health Tips: टाइट जींस और लेगिंग की आप भी हैं दीवानी तो जरा रुकिये…, फैशन में बीमारी को दावत, भुगत रही हैं लाखों लड़कियां

Admin by Admin
September 6, 2026
in उत्तर प्रदेश
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Health Tips: टाइट जींस और लेगिंग की आप भी हैं दीवानी तो जरा रुकिये…, फैशन में बीमारी को दावत, भुगत रही हैं लाखों लड़कियां


Last Updated:September 06, 2026, 18:52 IST

Health Tips News: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की एक चौकानें वाली नई केस स्टडी सामने आई है. इसमें खुलासा हुआ है कि टाइट जींस, लेगिंग और कसी बेल्ट पहनने से जांघ की मुख्य नस दब जाती है, जिससे ‘मेराल्जिया पैरास्थेटिका’ नामक समस्या पैदा हो रही है. आठ महीने में इसके 368 मामले सामने आए हैं, जिनमें 70 फीसदी मरीज 35 से 48 वर्ष की आयु के और 60 फीसदी महिलाएं हैं. अधिकांश लोग इसे सामान्य कमर दर्द समझकर गलत इलाज कराते रहते हैं, जबकि यह जांघ के बाहरी हिस्से में सुन्नपन, जलन और चुभन का कारण बनता है.

टाइट जींस-लेगिंग की हैं दीवानी? ये फैशन बीमारी को दावत, लाखों लड़कियां परेशानZoom

टाइट जींस और लेगिंग से हो रही है बीमारी और लोगों को मालूम भी नहीं. (सांकेतिक फोटो)

कानपुर: फैशन के इस आधुनिक दौर में जिस जींस की फिटिंग पर लोग इतराते हैं और जिस लेगिंग को सबसे ज्यादा आरामदेह व स्टाइलिश समझा जाता है, वही अब आपके शरीर के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बनती जा रही है. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की हालिया आठ महीने की एक चौंकाने वाली केस स्टडी ने इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बड़ा पर्दा उठाया है. स्टडी के मुताबिक, बहुत टाइट कपड़े पहनने से जांघ की महत्वपूर्ण नस लगातार दबाव में आ रही है, जिससे मेराल्जिया पैरास्थेटिका (Meralgia Paresthetica) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. सामने आए आंकड़ों के अनुसार, इन आठ महीनों में इसके कुल 368 मरीज अस्पताल पहुंचे हैं.

इस मेडिकल स्टडी के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि इस बीमारी से पीड़ित 70 फीसदी मरीजों की उम्र 35 से 48 वर्ष के बीच है, जबकि इनमें 60 फीसदी महिलाएं शामिल हैं. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह के अनुसार, यह समस्या ज्यादातर उन महिलाओं में अधिक देखी जा रही है जो मोटापे की शिकार हैं. इसके अलावा, तंग कपड़े, कसी हुई बेल्ट या पायजामे का बहुत कसा हुआ नाड़ा इस बीमारी की मुख्य वजह बन रहा है.

कैसे दब जाती है जांघ की नस और क्या हैं लक्षण?
विशेषज्ञों के अनुसार, मेराल्जिया पैरास्थेटिका में जांघ के बाहरी हिस्से को संवेदना पहुंचाने वाली ‘लेटरल क्यूटेनियस नर्व’ (Lateral Cutaneous Nerve) अत्यधिक दबाव में आ जाती है. यह नस कमर के पास से निकलकर जांघ के बाहरी हिस्से तक जाती है. जब जींस, लेगिंग या बेल्ट बहुत टाइट होती है, तो यह नस लगातार दबाव झेलती है, जिससे उसके कामकाज में भारी बाधा आती है.

परिणामस्वरूप, त्वचा पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट न होने के बावजूद घुटने के ऊपर और कमर के दोनों किनारों पर जख्म जैसी तेज जलन, चुभन, झनझनाहट और सुन्नपन महसूस होने लगता है. लंबे समय तक खड़े रहने या पैदल चलने पर यह तकलीफ और अधिक बढ़ जाती है.

सामान्य कमर दर्द समझकर कराते रहते हैं गलत इलाज
इस स्टडी की केस हिस्ट्री में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि लगभग 80 फीसदी मरीज शुरुआती महीनों में इसे सामान्य कमर दर्द (Back Pain) समझकर भ्रम में रहते हैं और गलत इलाज कराते रहते हैं. चूंकि मुख्य परेशानी जांघ के बाहरी हिस्से में होती है और ऐसा महसूस होता है जैसे वहां त्वचा जल रही हो या किसी जगह अंदरूनी चोट लगी हो, इसलिए मरीज इसे समझ नहीं पाते.

सलाह
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लगातार रहने वाले सुन्नपन, जलन या चुभन को सामान्य दर्द मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. यदि समय रहते टाइट कपड़ों और कसी बेल्ट का इस्तेमाल बंद न किया जाए, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है. इससे बचने के लिए जरूरी है कि ढीले कपड़े पहनें और शरीर के संकेतों को समझकर समय पर डॉक्टर की सलाह लें.

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Deep Raj DeepakSub-Editor

सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …

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Location :

Lucknow,Uttar Pradesh

First Published :

September 06, 2026, 18:52 IST



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