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म्योरपुर. सरकारी जमीन पर खड़े हो गए बड़े-बड़े भवन, आखिर कब हटेगा अतिक्रमण? ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकर्षित कराया है।

JK Gupta by JK Gupta
September 6, 2026
in सोनभद्र
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संवाददाता@संदीप अग्रहरी…..


म्योरपुर ग्राम पंचायत में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण और भवन निर्माण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा की सरकारी भूमि पर कब्जा कर बड़े-बड़े भवन खड़े कर दिए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि निर्माण होने के बाद भी संबंधित विभाग की ओर से अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं, बल्कि सार्वजनिक उपयोग और सरकारी कार्यों के लिए सुरक्षित होती है। इसके बावजूद यदि उस पर कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है तो यह गंभीर विषय है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर भवन बनते रहे, तब जिम्मेदार अधिकारियों की नजर आखिर क्यों नहीं पड़ी?

पैमाइश हो तो सामने आएगी हकीकत:

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित कराते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर संबंधित भूमि की पैमाइश और अभिलेखों की जांच करे। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि जिन स्थानों पर भवन बनाए गए हैं, वे वास्तव में सरकारी भूमि पर हैं या निजी भूमि पर।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में सरकारी जमीन पर कब्जे की पुष्टि होती है तो नियमानुसार अतिक्रमण हटाकर भूमि को सरकारी कब्जे में लिया जाना चाहिए।

‘आज नहीं तो कब होगी कार्रवाई?’

ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से कब मुक्त कराया जाएगा। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और लोग सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण शुरू कर सकते हैं। इससे सरकारी जमीन को खाली कराना और भी मुश्किल हो जाएगा।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए जाएं और सरकारी भूमि की स्थिति स्पष्ट कर अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में कब तक जांच कराता है और यदि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो बड़े-बड़े भवनों पर कार्रवाई की गाज कब गिरती है। अवैध अतिक्रमण की बात करें तो वर्ष 2016 में तत्कालीन उपजिलाधिकारी डॉक्टर विश्राम ने ग्राम समाज और तालाब के भीटे पर अवैध कब्जा पाया था और उन्हें कब्जा मुक्त कराने का निर्देश जारी किया था लेकिन उनके तबादला होने के बाद ग्राम समाज की भूमि खाली करने का मामला ठंडा बस्ते में चला गया।

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