@जे0 के0…..

Sonbhadra। जनपद में निजी अस्पताल में इलाज के दौरान ढाई साल की मासूम बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद बच्ची की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। घटना के दो दिन बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर विरोध किया।

इस दौरान परिजनों ने सदर विधायक भूपेश चौबे और डीएम चर्चित गोंड का घेराव किया। बेटी को इंसाफ दिलाने की गुहार लगाते हुए बच्ची के पिता अधिकारियों के पैरों में गिर पड़े। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एडीएम और सीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं।

मामला रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के नेशनल बाल चिकित्सालय सामने आया है जहां ढाई साल की मासूम शगुन की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।

मृतका के चाचा संतोष कुमार ने बताया है कि शगुन परिवार में करीब 22 साल बाद जन्मी थी। बेटी की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का आरोप है कि घटना के दो दिन बाद भी अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद शनिवार को उनका आक्रोश फूट पड़ा।

परिजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमकर विरोध जताया। इस दौरान सदर विधायक भूपेश चौबे और जिलाधिकारी चर्चित गोंड का घेराव कर कार्रवाई की मांग की गई। बेटी को इंसाफ दिलाने की गुहार लगाते हुए पिता सुरेंद्र अधिकारियों के पैरों में गिर पड़े।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एडीएम और सीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं। सीएमओ आर0 के0 मिश्रा ने बाताया की निजी अस्पताल की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। कमेटी में एसीएमओ, नोडल और बाल रोग विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। जांच में लापरवाही सामने आने पर अस्पताल के सील करने की कार्रवाई की जाएगी, और उनको जेल भेजा जाएगा।
