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Evergreen Song: दिलीप कुमार की फिल्म ‘आरजू’ को भले लोग भूल गए हों, मगर इसका एक गाना ‘ऐ दिल मुझे ऐसी जगह ले चल’ आज भी लोगों के दिलों में गूंजता है. तलत महमूद की हल्की कांपती आवाज ने आशिकों के दर्द को जिस तरह बयां किया, उसका असर दिलों पर जादुई हुआ था. यही वजह है कि 76 साल बाद भी लोग पीढ़ी-दर-पीढ़ी इसे गाते-गुनगुनाते आ रहे हैं.
दर्दभरे गाने को दिलीप कुमार पर फिल्माया गया था.
नई दिल्ली: 1950 की फिल्म ‘आरजू’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही. हालांकि, आज फिल्म की सबसे बड़ी पहचान इसकी कमाई नहीं, बल्कि इसका अमर गीत-संगीत है. खासकर ‘ऐ दिल मुझे ऐसी जगह ले चल’ गाने ने तलत महमूद की आवाज के दर्द को पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों तक पहुंचाया. 76 साल बाद भी गाना सुनकर लगता है मानो कोई टूटा हुआ दिल दुनिया से दूर थोड़ी शांति की तलाश में हो. यही वजह है कि तलत महमूद की आवाज आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में जिंदा है.
तलत महमूद की कमजोरी बनी ताकत
आप जब गाने को सुनेंगे, तो पाएंगे कि तलत महमूद ने हल्की कांपती आवाज से इसे गाया है, जो सुनने वाले दिलों में जादू सा असर डालता है. तलत महमूद की आवाज में हल्की कंपन को कमजोरी समझा जाता था और इसे छिपाने की कोशिश की जाती थी. लेकिन संगीतकार अनिल बिस्वास ने इसे तलत की आवाज की विशेषता माना. उनकी आवाज में कंपन ‘ऐ दिल मुझे ऐसी जगह ले चल’ में दर्द को और गहरा एहसास देती है. यह गाना उन गानों में से एक था जिसने तलत महमूद को हिंदी फिल्म जगत में लोकप्रिय बनाया.
दिलीप कुमार पर फिल्माया गया गाना
गाना दिलीप कुमार और कामिनी कौशल की कहानी से जुड़ा था. फिल्म ‘आरजू’ में दिलीप कुमार ने फिल्म में ‘बादल’ का किरदार और कामिनी कौशल ने ‘कामिनी’ का किरदार निभाया था. फिल्म का निर्देशन शाहिद लतीफ ने किया था और संगीत अनिल बिस्वास ने दिया था. कहते हैं कि फिल्म एमिली ब्रोंटे के मशहूर नॉवेल ‘वर्थरिंग हाइट्स’ से प्रेरित है.
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अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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