मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन..

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर जिलेभर में शनिवार को भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक झांकियों से सजाया गया।

देर रात जैसे ही मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, मंदिरों में घंटा-घड़ियाल और शंखनाद के बीच ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज उठे।

श्रद्धालुओं ने लड्डू गोपाल का दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक कर भव्य शृंगार किया और आरती उतारी।

रॉबर्ट्सगंज के रामलीला मैदान परिसर स्थित बांके बिहारी मंदिर में सुबह से ही भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। राम-जानकी मंदिर, कोतवाली परिसर स्थित श्री हनुमान मंदिर, संकट मोचन मंदिर और रौप स्थित पंचमुखी मंदिर में भी विशेष सजावट की गई।

देर शाम से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी और मध्यरात्रि तक भजन-कीर्तन चलता रहा। जन्म के बाद प्रसाद वितरण किया गया।

नगर के विभिन्न स्थानों पर पंडाल लगाकर भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। पन्नूगंज रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के पास बाल संघ के पंडाल में आकर्षक झांकी सजाई गई।

जन्मोत्सव से पूर्व नाटक मंचन और भक्ति गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। रात 12 बजते ही आतिशबाजी के साथ भगवान के जन्म का उत्सव मनाया गया।

विकासनगर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवाकेंद्र में झांकी, नृत्य-नाटिका, नाटक और प्रवचन का आयोजन हुआ। राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे।

मुख्य संचालिका बीके सुमन दीदी ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का स्मरण नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर व्याप्त पांच महाविकारों और अज्ञानता से मुक्त होकर दिव्य चेतना को जागृत करने का पर्व है। श्रीकृष्ण का जीवन हर परिस्थिति में समभाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

कोतवाली परिसर स्थित श्री हनुमान मंदिर में भी देर शाम से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। पुलिस प्रशासन के साथ आमजन ने जन्मोत्सव में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। घरों में भी लोगों ने झांकियां सजाकर विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया।

