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Sonbhadra। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की बैठक हुई। इसमें ऋण जमा अनुपात (सीडी रेशियो) के साथ सरकार प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की बैंकवार समीक्षा की गई।

सीडी रेशियो की समीक्षा में सामने आया कि जिले का औसत ऋण जमा अनुपात 46 प्रतिशत है, जबकि निर्धारित मानक 60 प्रतिशत है। सीडीओ ने कम सीडी रेशियो वाले बैंकों को अधिक से अधिक ऋण वितरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों का सीडी रेशियो जिले के औसत से भी कम है, उनके नियंत्रक कार्यालय, आरबीआई, एसएलबीसी एवं संस्थागत वित्त को पत्र भेजा जाए, ताकि स्थिति में सुधार हो सके।

बैठक में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एमवाईएसवाई, ओडीओपी, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, माटीकला योजना, स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम स्वनिधि और पीएम सूर्य घर योजना की लंबित पत्रावलियों की समीक्षा की गई। अधिक लंबित मामलों वाले बैंकों को निर्देश दिया गया कि शाखा स्तर पर किसी भी पत्रावली को 15 दिन से अधिक लंबित न रखा जाए। 15 दिन से अधिक लंबित पत्रावलियों वाले बैंकों की सूची संबंधित विभाग को उपलब्ध कराने को भी कहा गया।

आरबीआई के जिला विकास अधिकारी ने निर्देश दिया कि बैठकों में बैंक के नामित जिला समन्वयक ही प्रतिभाग करें और लंबित पत्रावलियों का पूरा विवरण व उनके लंबित रहने का स्पष्ट कारण प्रस्तुत करें। अग्रणी जिला प्रबंधक ने जिला समन्वयकों को शाखाओं से नियमित संपर्क रखने, पत्रावलियों को शीघ्र स्वीकृत करने तथा ऋण वितरण के बाद पोर्टल पर तत्काल विवरण अपडेट करने के निर्देश दिए।

बैठक में डीडीएम नाबार्ड, उपायुक्त एनआरएलएम, जिला कृषि अधिकारी, उप कृषि निदेशक, पशु चिकित्सा अधिकारी, डीआईसी प्रतिनिधि, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और बैंक समन्वयक मौजूद रहे।