संवाददाता@विशाल टंडन……

ऑनलाइन दवा बिक्री, अवैध ई-फार्मेसी संचालन और बड़ी कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट के विरोध में बुधवार को जनपद सोनभद्र के दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय बंद रखकर प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर जिले के दवा कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और स्वर्ण जयंती चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक बाइक रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया।

सुबह करीब 10 बजे दवा विक्रेता समिति सोनभद्र के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता स्वर्ण जयंती चौक पर एकत्र हुए। यहां से सैकड़ों दवा व्यवसायियों ने बाइक रैली निकाली और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने और छोटे केमिस्टों के हितों की सुरक्षा की मांग की।
दवा विक्रेता समिति सोनभद्र के जिलाध्यक्ष बृजानंद ने कहा कि AIOCD देशभर के 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट एवं दवा वितरकों का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त सत्यापन के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं, जिससे फर्जी प्रिस्क्रिप्शन, एंटीबायोटिक्स और नशीली दवाओं की अनियंत्रित बिक्री बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि “दवा कोई सामान्य वस्तु नहीं, बल्कि मरीज की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।”
महामंत्री अमित कुमार ने कहा कि बड़ी कंपनियों द्वारा दिए जा रहे ‘डीप डिस्काउंट’ से छोटे दवा कारोबारियों का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है। उन्होंने कोविड काल में लागू अधिसूचना GSR 220(E) और ई-फार्मेसी से संबंधित GSR 817(E) को तत्काल वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन में मनोज कुशवाहा, राकेश पटेल, राहुल चौबे, आशुतोष, रंजीत जायसवाल, नितिन तिवारी, राजकुमार, सत्यजीत सहित बड़ी संख्या में दवा व्यवसायी एवं संघ पदाधिकारी मौजूद रहे।