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— निजी विद्यालयों में भेदभाव की शिकायत पर होगी कार्रवाई, तीन दिन में नामांकन पूरा करने के निर्देश

Sonbhadra। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के चयनित बच्चों का गैर सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने निजी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिया कि चयनित बच्चों के प्रवेश में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए चयनित बच्चों के प्रवेश की समीक्षा की गई। विकास खंड चतरा में 92 बच्चों के सापेक्ष 79 बच्चों का प्रवेश होने तथा 13 बच्चों के प्रवेश लंबित होने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने अभिभावकों से सीधे फोन पर वार्ता की। इस दौरान परिवहन शुल्क अधिक होने के कारण प्रवेश न कराने की बात सामने आई। वहीं रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक में 665 चयनित बच्चों में से 566 बच्चों के प्रवेश होने और 99 बच्चों के प्रवेश लंबित पाए गए।

जिलाधिकारी ने विद्यालय संचालकों को निर्देशित किया कि आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों के साथ समानता का व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार के भेदभाव की शिकायत मिलने पर संबंधित विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर चयनित सभी बच्चों का प्रवेश पूर्ण कर पोर्टल पर फीडिंग कराई जाए तथा एक सप्ताह में सत्यापन कार्य पूरा किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि यूनिफॉर्म एवं पाठ्य-पुस्तकों के लिए सहायता राशि तथा विद्यालयों की वित्तीय सहायता हेतु बजट प्राप्त हो चुका है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सत्यापन के बाद एक सप्ताह के भीतर धनराशि जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय प्रबंधक मौजूद रहे।