संवाददाता@विशाल टंडन……

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जिले में व्याप्त शैक्षिक अनियमितताओं, निजी विद्यालयों की मनमानी फीस व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कथित संलिप्तता के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विद्यार्थियों और अभिभावकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन के माध्यम से परिषद ने अवगत कराया कि जिले के कई निजी विद्यालय अभिभावकों पर विद्यालय द्वारा निर्धारित दुकानों से ही किताबें एवं ड्रेस खरीदने का दबाव बना रहे हैं, जो कि केंद्र सरकार के नियमों के विपरीत है। परिषद ने ऐसे विद्यालयों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही संविधान के अनुच्छेद 21A एवं राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होने के बावजूद अधिकांश महंगे विद्यालय इसका पालन नहीं कर रहे हैं।

परिषद ने जिले में पात्र विद्यार्थियों की सूची सार्वजनिक करने तथा सभी विद्यालयों में इस नियम को स्थायी रूप से प्रदर्शित करवाने की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि निजी विद्यालय प्रत्येक वर्ष छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश के समय एडमिशन फीस के नाम पर मनमानी वसूली करते हैं। परिषद ने मांग की कि एडमिशन फीस के लिए एक मानक तय किया जाए ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

परिषद ने आरोप लगाया कि निजी प्रकाशनों की किताबों के नाम पर विद्यालय अभिभावकों से अत्यधिक शुल्क वसूल रहे हैं। एलकेजी की पुस्तकों पर 3000 से 4000 रुपये तथा कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों पर 4500 से 7000 रुपये तक शुल्क लिया जा रहा है, जबकि एनसीईआरटी पुस्तकों का उपयोग नहीं किया जा रहा।
ऐसे विद्यालयों की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई। इसके अतिरिक्त निजी विद्यालयों में एडमिशन फीस एवं वार्षिक शुल्क की मनमानी वसूली पर रोक लगाने, शुल्क निर्धारण की स्पष्ट नीति बनाने तथा विद्यालयों से शुल्क संबंधी शपथ पत्र लेने की मांग भी की गई।ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिले में कई विद्यालय बिना मान्यता एवं बिना निर्धारित मानकों के संचालित हो रहे हैं।
परिषद ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग से ऐसे विद्यालयों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों से अवैध फीस वसूली का आरोप लगाते हुए संबंधित प्रबंध तंत्र पर कार्रवाई की मांग की गई।परिषद ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
इस दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन निषाद, विभाग संयोजक सौरभ सिंह, प्रांत संयोजक अनमोल सोनी, जिला संयोजक ललितेश मिश्र, प्रांत सह संयोजक एसएफएस राहुल जलान, प्रांत सह संयोजक खेलो भारत मृगांक दुबे सहित राज सिंह, अभय सिंह, आशुतोष मोदनवाल, विश्वजीत, सिद्धार्थ, हर्ष, सक्षम, शिवम और नीतीश आदि उपस्थित रहे।