संवाददाता@विशाल टंडन…..

राजधानी लखनऊ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक समागम एवं शिक्षक सम्मान समारोह में जनपद सोनभद्र की शिक्षिका गायत्री त्रिपाठी को अंतरराष्ट्रीय साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें हिंदी साहित्य एवं पर्यावरण विषयों पर उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
गायत्री त्रिपाठी ने हिंदी विषय पर आधारित आलेख ‘हिंदी हमारी पहचान’ में ‘आज का युवा और हिंदी भाषा’ विषय पर लेखन किया है। इसके अलावा पर्यावरण विषयक पुस्तक ‘सतत संरक्षण हमारा प्रयास’ में उन्होंने ‘माइक्रो प्लास्टिक’ पर लेख लिखा। वहीं काव्य रचना आधारित पुस्तक ‘काव्य किरण’ में उनकी रचना ‘जाग रे मानव जाग’ भी पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित है।

वर्तमान में गायत्री त्रिपाठी ब्लॉक रॉबर्ट्सगंज के कंपोजिट विद्यालय मल्टी स्टोरी में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी रचनाओं की विशेषता सरल एवं सहज भाषा शैली मानी जाती है, जिससे पाठकों को विषय को समझने में आसानी होती है।
समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. कृष्ण चंद्र वर्मा, राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता तथा मदन मोहन लाल ने संयुक्त रूप से उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर गायत्री त्रिपाठी ने कहा कि वे भविष्य में भी साहित्य के क्षेत्र में निरंतर अपनी सेवाएं देती रहेंगी। गायत्री त्रिपाठी की इस उपलब्धि पर विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं नें उन्हें बधाई एवं शुभकामनायें दिया।