Last Updated:
IPL Uncapped Selection Process: आईपीएल में किस तरह से एक्शन के लिए चुने जाते हैं यूएनसीएपी प्लेयर्स और किसी और टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन को देखकर उन्हें मिलता है उनका मनपसंद प्लेस प्राइस. इस पर जानकारी के लिए पड़े हुए लिए पूरी रिपोर्ट डिटेल में
दिल्ली: 28 मार्च 2026 से हमारे देश में आईपीएल की शुरुआत हो जाएगी. पहला मैच सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु में शाम 7:30 बजे शुरू होगा. जिसके बाद पूरा देश आईपीएल के माहौल में डूब जाएगा. इसी के चलते इस बार आईपीएल की ऑक्शन में अलग-अलग टीमों द्वारा खरीदे गए अनकैप्ड प्लेयर्स पर भी सबकी नजर रहेगी. हर साल की तरह इन प्लेयर्स से कुछ हटकर खेलने की खासी उम्मीद लगाई जा रही है. लेकिन यह अनकैप्ड प्लेयर्स किस तरह से आईपीएल की ऑक्शन में आते हैं. इसके बारे में जानने के लिए जब हमने भारतीय बधिर क्रिकेट टीम के हेड कोच देव दत्त ने बात की तो आइए आगे अपको विस्तार से बताते हैं उन्होंने किन-किन चीजों के बारे में बताया.
इस उम्र से IPL के लिए करते हैं प्लेयर को तैयार
देव दत्त ने शुरुआत में हमें बताया कि जिन भी प्लेयर्स को आप अभी अच्छा खेलते हुए देख रहे हैं. उन्होंने लगभग 6 से 7 साल की उम्र में क्रिकेट सीखना शुरू कर दिया था. अब इसी उम्र में जाकर बच्चे क्रिकेट सीखना प्रोफेशनली शुरू कर देते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्लेयर को उन्हें आईपीएल के लिए खास तैयार करना हो तो 16 से 17 साल की उम्र से ही वह उसे इस तरीके से तैयार करना शुरू कर देते हैं कि वह आईपीएल के लिए सिलेक्ट हो जाए. फिर वह 18 से 20 साल की उम्र में उस प्लेयर को देश की हर उस बड़ी टूर्नामेंट में खिलाते हैं. जहां से वह अनकैप्ड प्लेयर के रूप में आईपीएल की ऑक्शन के लिए सिलेक्ट हो जाए. उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर सभी कोच की यही उम्मीद रहती है कि उनका प्लेयर 21 से 22 साल की उम्र में आईपीएल खेल ले.
IPL में चुने जाने के लिए इन टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी
देव दत्त ने आगे यह भी बताया कि आईपीएल में सेलेक्ट होने के लिए और खासकर आईपीएल के पहले पड़ाव में अनकैप्ड प्लेयर के रूप में आईपीएल के ऑक्शन में आने के लिए आपको सबसे पहले तो रणजी ट्रॉफी, मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे बड़े डोमेस्टिक टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना काफी जरूरी है. वहीं उन्होंने आगे यह भी कहा कि अब हर एक स्टेट अपनी एक T20 प्रीमियर लीग करवा रही है. उदाहरण देते हुए उनका कहना था कि दिल्ली में दिल्ली प्रीमियर लीग होती है और इसी प्रीमियर लीग से इस साल तेजस्वी सिंह दहिया जैसे प्लेयर को आईपीएल ऑक्शन में रखा गया था. जिसे कोलकाता नाइट राइडर्स ने उसके 30 लाख के बेस प्राइस से ज़्यादा उसे 3 करोड़ रुपये देकर अपनी टीम में लिया है. उनके आगे कहना था कि इसके अलावा भी जितने भी डोमेस्टिक में बड़े लीग होते हैं. उन सब में यदि आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आप आईपीएल ऑक्शन के लिए सिलेक्ट हो जाएंगे. वही आईपीएल की कोई बड़ी टीम आपको अपनी टीम में ले भी लेगी.
अनकैप्ड प्लेयर्स का कैसे होता है बेस प्राइस सिलेक्ट
देव दत्त ने अनकैप्ड प्लेयर्स के बेस प्राइस और सेलेक्ट होने वाली पूरी प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा कि प्लेयर्स का बेस प्राइस 10 लाख, 20 लाख और 30 लाख के बीच में ज्यादातर रहता है. उनका कहना था कि यह बेस प्राइस प्लेयर्स की परफॉर्मेंस को देखकर तय किया जाता है. इसमें प्लेयर्स, उनके मैनेजर और जिस स्टेट से वे आ रहे हैं, उस स्टेट की सिलेक्शन कमिटी भी देखती है. वहीं उनका यह भी कहना था कि अगर किसी प्लेयर ने सिर्फ प्रीमियर लीग खेली है. अभी तक रणजी ट्रॉफी या मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसी बड़ी डोमेस्टिक टूर्नामेंट नहीं खेली है तो उम्मीद की जाती है कि उसे प्लेयर का बेस प्राइस कम ही रहेगा. अंत में उन्होंने यह भी कहा कि बेस प्राइस ज्यादा रखने के लिए और आईपीएल के किसी बड़ी टीम में सेलेक्ट होने के लिए प्लेयर का रणजी ट्रॉफी मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसी किसी बड़ी टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना भी काफी जरूरी है. यही प्लेयर को आईपीएल ऑक्शन में और किसी बड़ी टीम में सिलेक्ट भी करवाता है.
About the Author

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
