बीजपुर/सोनभद्र.@रामबली मिश्रा……
— नारद की तपस्या से इंद्र की राजगद्दी गवाने के डर से विष मोहनी से छल

नव दिवसीय चल रहे श्रीराम कथा के तीसरे दिन दुधहिया माता मंदिर परिसर में शनिवार को भक्ति की रस से सराबोर हुए भक्त। सुप्रसिद्ध श्री राम कथा व्यास 1008 श्री राममोहन दास रामायणी ने अपनी अमृतमयी वाणी से इंद्र , ‘नारद मोह’ और ‘माता पार्वती के जीवन वृतांत का विस्तृत वर्णन किया, जिसे सुनकर पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
कथा व्यास ने बताया कि कैसे अहंकार के वशीभूत होने पर देवर्षि नारद को भी मोह ने घेर लिया था। उन्होंने माता पार्वती के कठिन तप और शिव-पार्वती प्रसंगों के माध्यम से जीवन में धैर्य और भक्ति के महत्व को समझाया।कथा के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए सुमधुर भजनों पर श्रद्धालु स्वयं को रोक नहीं पाए और झूमने-थिरकने को मजबूर हो गये।
भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति के सम्मान कार्यक्रम के दौरान नौ कन्याओं का विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। कथा के विश्राम पर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह उपनिरीक्षक कमलाकांत पाण्डेय व महिला आरक्षी नीहारिका ने शिरकत की जिन्हें कथा व्यास द्वारा आशीर्वाद प्रदान किया गया।
इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे जिनमें मुख्य रूप से अनिल त्रिपाठी,गोपाल गुप्ता, इंद्रेश सिंह ,, बग्गा सिंह,
संदीप गुप्ता, यशवंत सिंह, श्री राम यादव , सुनिल तिवारी, वीर प्रताप सिंह , आदित्य सिंह , उदय प्रताप सिंह , लल्लन सिंह सहित भारी संख्या में श्रोता शामिल रहे।शाम को आरती के पश्चात सभी भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
आयोजन समिति ने अगले दीन राम विवाह की कथा में भी अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने की अपील की है।