ओबरा/सोनभद्र.@सौरभ गोस्वामी……

नगर के आंबेडकर चौराहे और आसपास के इलाकों में ओबरा ‘सी’ परियोजना के कोल हैंडलिंग प्लांट से उड़ रही कोयले की धूल ने स्थानीय लोगों का जीना दूभर कर दिया है। समस्या के लगातार गंभीर होते जाने से नाराज रहवासियों ने मंगलवार दोपहर विरोध प्रदर्शन कर जिला प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि प्लांट संचालन के दौरान उड़ने वाली धूल पूरे इलाके में फैल रही है, जिससे घरों, दुकानों और सड़कों पर काली परत जम जा रही है।
हालात यह हैं कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि न तो नियमित पानी का छिड़काव कराया जा रहा है और न ही धूल नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरणों का प्रभावी उपयोग हो रहा है, जिससे स्थिति दिन पर दिन भयावह होती जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र में निवास करने वाले सैकड़ों लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि कोल हैंडलिंग प्लांट से निकलने वाली धूल पर तत्काल प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। प्रदर्शन करने वालों में राज सुशील पासवान, अशोक राय, चिंटू वर्मा, शिवजी यादव, अंशु केशरी, मनीष पटेल, राधे केशरी, संजय, सुनील, राधे केशरी सहित अन्य लोग शामिल रहे।