घोरावल/सोनभद्र. @विजय अग्रहरी……

घोरावल ब्लॉक के नोनी सरवट गांव में शिव हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रवचन सुनने और महायज्ञ में हवन पूजन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए शांतिकुंज हरिद्वार धाम से आई कथा वाचिका कंचन चौबे ने गायत्री मंत्र की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि इसके जप में लोक परलोक दोनों का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि इस संपूर्ण ब्रह्मांड में विभिन्न जीव जंतुओं प्राणियों की कल 84 लाख योनियां मानी जाती है।

इन योनियों में मानव शरीर सबसे दुर्लभ है। बड़े भाग्य से मनुष्य योनि प्राप्त होती है, जो देवताओं के लिए भी दुर्लभ है। मनुष्य शरीर हमें इसलिए मिलता है ताकि हम इस जीवात्मा का कल्याण कर सके और आत्म साक्षात्कार कर जीवन मरण के बंधन से मुक्त हो जाए। मनुष्य का कल्याण उसके सद्कर्मों और सद्विचारों में निहित है। हमें प्रेम, सत्य, अहिंसा, धर्म, करुणा इत्यादि मानवीय मूल्यों को आत्मसात करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी धर्मग्रंथाें, महाकाव्यों व पुराणों का सार तत्व यही है कि परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं है और दूसरों को पीड़ा पहुंचाने से बड़ा कोई पाप नहीं है। इस अवसर पर भजन संध्या में श्रद्धालुगण झूम उठे। प्रतिदिन की तरह सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा की और भंडारे में महाप्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर ओंकारनाथ सिंह, चंद्रपाल, पारसनाथ, परमेश्वर, काशीनाथ, मंगल सिंह, रामआसरे, राधारमण सिंह, मनोज कुमार, रामेश्वर, जगदीश, लोकनाथ, कृष्णकुमार, हरिशंकर, रामसूरत, जालिम सिंह इत्यादि मौजूद रहे।
