@जेo केo/सोनभद्र……
— एक दिसंबर को डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर मांगी रिपोर्ट, ढाई माह बीतने के बाद भी कार्यवाही तो दूर शुरू नहीं हुई जांच
— प्रधान, पंचायत अधिकारी, जेई पर खेल में शामिल होने का आरोप
— सदस्यों ने 14 सितंबर को डीएम से मिलकर भ्रष्टचार से जुड़ा शपथ पत्र दिया था

Sonbhadra । यूपी के आखिरी जिला सोनभद्र में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा, जहां एक ग्राम पंचायत में लाखों रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगा है, यह आरोप कोई और नहीं ग्राम पंचायत सदस्यों और ग्रामीण ने बाकायदा शपथ पत्र देकर लगाया है, डीएम से मिलकर शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज कराते हुए शपथ पत्र दिया, जिसपर डीएम ने एक कमेटी का गठन कर जांच रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने का आदेश दिया, लेकिन ढाई माह बीतने के बाद भी कार्रवाई तो दूर जांच शुरू ही नहीं हुई, जबकि शिकायतकर्ताओं ने 14 सितंबर को डीएम को पत्र दिया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीरो टॉलरेंस का दावा करते हैं, भ्रष्टाचार पर लगातार कार्रवाई भी की जा रही है लेकिन सोनभद्र में अधिकारी यूपी सरकार के आदेश को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे है, मामला रॉबर्ट्सगंज ब्लाक के रजधन ग्राम पंचायत का बताया जा रहा है, जहां ग्राम पंचायत सदस्य अमरनाथ, सदस्य प्रतिनिधि दुर्गा प्रसाद और एक अन्य ग्रामीण ने बीते 14 सितंबर 2025 को स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र के साथ डीएम बद्रीनाथ सिंह से मिलकर गांव में विकाश के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

डीएम बद्री नाथ सिंह ने शिकायत पत्र के आधार पर एक जांच कमेटी गठित कर जांच का आदेश दिया है, जिलाधिकारी ने बीते एक दिसंबर 2025 को जांच कमेटी गठित किया था, कमेटी में जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी एवं सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड शामिल हैं।
ढाई महीने गुजरने के बाद भी कार्रवाई तो शुरू जांच शुरू तक नहीं हुई, ग्राम पंचायत रजधन के सदस्य अमर नाथ, सदस्य प्रतिनिधि दुर्गा प्रसाद, ग्रामीण विकाश जायसवाल ने डीएम को शपथ पत्र दिया है, शिकायत कर्ता अमरनाथ ने बताया कि बाबा साहब के भवन निर्माण में 4.22लाख, इंटरलॉकिंग में 3.75 लाख, नलकूप 1.06 लाख और अमृत सरोवर 19 लाख रुपए भुगतान का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता विकाश जायसवाल ने बताया कि इस पंचवर्षीय से पहले के प्रधान ने आरसीसी का निर्माण कराया था उसमें इंटरलॉकिंग का पत्थर बचा हुआ था उसी पुराने ईट को इस पंच वर्षीय के प्रधान ने नया ईट दिखाकर उसका भुगतान ले लिया गया, साथ ही मनरेगा और वित्त का पैसा प्रधान पर अपने परिवार और चहेतो के नाम से मजदूरी का पैसा निकालने का आरोप है।
जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह ने कहा कि मामले में तीन सदस्यीय कमेटी गठित है, मामला पुराना होने के वजह से थोड़ा समय लगता है, जल्द ही अभिलेख उपलब्ध कराया जाएगा, जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।