बभनी/सोनभद्र. @अरुण पांडेय……

शिवरात्रि के पावन पर्व पर आस्था की लहरों ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया हर जगह शिवालयों में महादेव के रुद्राभिषेक जलाभिषेक किए गए, घंटों की गूंज हवन-पूजन व हर-हर महादेव व ओम नमः शिवाय के नारों के साथ परिसर गुंजायमान रहे। सभी भक्तों ने अपने आस्था के इस पावन पर्व पर परंपरागत रीति-रिवाज के तहत भक्तों ने देवाधिदेव महादेव का श्रीगंगार किया गंगाजल के पश्चात दूध दही घी शहद से स्नान कराकर पंचामृत का भोग लगाया, बेलपत्र धतूरा बेल अपराजिता, कनेर धतूरा इत्र भस्म लगाकर श्रींगार किया, तत्पश्चात फल मिष्ठान भांग आदि का भोग लगाया। और नैवेद्य चढ़ाकर अपनी मनोकामनाओं की मन्नतें मांगीं। बभनी थाना क्षेत्र के हरिशंकर मंदिर असनहर सेवा समर्पण संस्थान कारीडांड़ चपकी मचबंधवा समेत अन्य मंदिरों में भव्य मेले का आयोजन किया गया।

मेला देखने गए भक्तों पर मधुमक्खियों का हमला :
सेवा समर्पण संस्थान कारीडांड़ आश्रम में बने शिव मंदिर परिसर में मेले का आयोजन किया गया था जिसके दौरान मधुमक्खियों ने लोगों पर अचानक हमला बोल दिया जिनके आवेग को देखकर लोगों में अफरा-तफरी मच गई मचे भगदड़ से के कारण आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार बबलू 32 वर्ष सुग्रीम 42 वर्ष अकबरी 45 वर्ष अख्तर 11 वर्ष पार्वती 50 वर्ष सुनीता 12 वर्ष समेत आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए सभी घायलों को उचित उपचार देकर सुरक्षित किया गया इस घटना ने आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया। क्या आयोजन से पूर्व प्राकृतिक आपदाओं और आकस्मिक घटनाओं से निपटने के लिए तैयारियां नहीं की गई थीं इसी बीच मेले के भगदड़ में कोई बड़ी घटना घट जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।