चोपन/सोनभद्र. @कृपा शंकर पांडेय……..
— सब मंचन ते मंच एक सुंदर विषद विशाल, मुनि समेत दोउ बंधु तह बैठारे महिपाल

श्री राम लीला के क्रम में धनुष यज्ञ के दिन पूरे मिथिला नगरी में उत्सव का वातावरण रहा समारोह प्रारंभ होने से पूर्व महाराज जनक ने अपने बंदियों को भेज कर महर्षि विश्वामित्र के साथ श्री राम लक्ष्मण को स्वयंवर में बुला लिए विभिन्न देशों से राजा स्वयंवर में पधारे हुए थे सभी उपस्थित राजा गण अपने बाल का गुणगान करते हुए धनुष तोड़ने का झूठा दंभ भर रहे थे इसी बीच रावण एवं बाणासुर का आगमन होता है दोनों का वाक्य युद्ध सबको रोमांचित करता रहा इसी बीच विदूषक राजा ने अपने प्रश्न के माध्यम से सबका मनोरंजन किया।
सभी राजाओं ने प्रयास किया धनुष नहीं टूटा महाराजा जनक बिल्कुल अधीर होकर कहा कि यह प्रतिज्ञा करके मैंने बहुत बड़ी भूल किया है या तो यह प्रण को छोडूं या सीता को कुमारी रखूं समझ में नहीं आ रहा है क्योंकि धरती वीरों से खाली प्रतीत होती है, जनक का यह वक्तव्य सुनते ही लक्ष्मण क्रोधित हो जाते हैं और कहते हैं कि जिस समाज के मध्य कोई रघुवंशी वीर बैठा हो उसे समझ में यह बात कहना रघुवंशियों का अपमान है ।

इसी बीच महर्षि विश्वामित्र ने प्रभु श्री राम को आदेश दिया धनुष तोड़कर महाराज जनक की प्रतिज्ञा को पूर्ण करो भगवान उठते हैं धनुष तोड़ते हैं सभी देवता प्रसन्न होकर पुष्प वर्षा करते हैं तथा नगर वासी प्रसन्नता से झूम उठते हैं प्रसन्नता पूर्वक माता सीता से प्रभु श्री राम का विवाह कर दिया जाता है।
इस पर रहे ।रामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेश पांडेय .विद्या शंकर पांडेय . व्यास मुरली तिवारी . डा० राम गोपाल तिवारी .नरसिंह त्रिपाठी . रामजानकी पांडेय .उदय नारायण पांडेय .रामनारायण पांडेय . श्री राम पांडेय . रमा शंकर पांडेय . प्रेम संकर पांडेय . विजय पांडेप विशाल पांडेय .अशोक पांडेय . गोविन्द राम चौबे .संजू त्रिपाठी .सुनील तिवारी .सुनील सिंह .ज्ञानेंद्र पाठक .मनोज चौबे .मनोज सिंह .संतोष मिश्रा .प्रदीप अग्रवाल . व चोपन थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश मिश्राएवं समस्त पांडेय परिवार ग्रामीण मौजूद रहे ।