विंढमगंज/सोनभद्र. @आनंद गुप्ता……

दुद्धी कस्बे के प्रसिद्ध योग गुरु रामरतन प्रसाद, जिन्हें सभी प्यार से मुनि जी कहते थे, का रविवार शाम निधन हो गया। उम्र 75 वर्ष के मुनि जी दुद्धी कस्बा वार्ड-1, नरसिंह बाबा मंदिर के निकट रहते थे। शनिवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें सोनभद्र जिला अस्पताल पहुंचाया। वहाँ चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को गंभीर बताते हुए घर लौटने की सलाह दे दी।
घर पहुँचते ही कुछ ही देर बाद उन्होंने अंतिम सांस ली।मुनि जी योग मार्गदर्शक के रूप में दुद्धी और आसपास के क्षेत्रों में विगत दशकों से सक्रिय थे। उन्होंने सैकड़ों लोगों को योग, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली का पाठ पढ़ाया। कस्बे के पार्कों, मंदिर परिसरों और सामुदायिक केंद्रों में उनके योग शिविर लोकप्रिय रहे। विशेषकर युवाओं और महिलाओं में उनकी खासी लोकप्रियता थी।
मुनि जी का योग के प्रति समर्पण उन्हें ‘योग संत’ जैसा बनाता था।उनके निधन की खबर फैलते ही दुद्धी कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। पड़ोसी, शिष्य और सामाजिक कार्यकर्ता उनके घर पर सांत्वना देने पहुँचे। मुनि जी के दो पुत्र चंदन और कुंदन हैं।
सोमवार सुबह 10 बजे उनका अंतिम संस्कार कनहर नदी संगम तट पर होगा। स्थानीय संगठनों ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की घोषणा की है।मुनि जी के निधन से दुद्धी ने अपना एक अमूल्य रत्न खो दिया।