विंढमगंज/सोनभद्र. @आनन्द गुप्ता…..

दुद्धी विधायक विजय सिंह गोड़ का निधन हो गया। वे 71 वर्ष के थे और लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे।निधन की जानकारीसमाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से आठ बार विधायक रहे विजय सिंह गोड़ का गुरुवार, को लखनऊ के एसजीपीजीआई में इलाज के दौरान सुबह निधन हो गया, किडनी संबंधी गंभीर समस्या के कारण उन्हें लंबे समय से भर्ती रखा गया था। विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने निधन की पुष्टि की और बताया कि उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा।
राजनीतिक सफरविजय सिंह गोड़ सोनभाद्र जिले के दुद्धी विधानसभा क्षेत्र (उत्तर प्रदेश की अंतिम 403वीं सीट) से आदिवासी राजनीति के प्रमुख स्तंभ थे। उन्होंने 1979 में वनवासी सेवा आश्रम में कार्यरत रहते हुए कांग्रेस टिकट पर पहला चुनाव जीता। 1980 से 2002 तक लगातार सात बार विधायक रहने के बाद विभिन्न दलों (कांग्रेस, निर्दलीय, सपा, बसपा) से चुनाव लड़कर कुल आठ बार सफलता पाई। मुलायम सिंह यादव सरकार में वे परिवार कल्याण राज्यमंत्री भी रहे। आदिवासी हितों के योद्धागोड़ ने दुद्धी और ओबरा सीटों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित कराने हेतु सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष किया।
उन्होंने 17 जातियों को एससी से एसटी सूची में स्थान दिलाया, जिससे आदिवासी समाज मुख्यधारा में आया। सदन में आदिवासी अधिकारों की मजबूती से पैरवी की, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिली। उनके प्रयासों से सोनभाद्र के वनवासियों को नई पहचान मिली।शोक की लहर
उनके निधन से दुद्धी, सोनभाद्र और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दल, आदिवासी समुदाय, कार्यकर्ता और समर्थक इसे अपूरणीय क्षति बता रहे हैं। सपा नेता के रूप में वे जनता की समस्याओं के समाधानकर्ता के रूप में याद किए जाएंगे।