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मध्य प्रदेश के इंदौर में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) के तत्वावधान में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में पूरे देश के सभी राज्यों से खिलाड़ी शामिल हुए थे. इस प्रतियोगिता में मोहम्मद इंताज ने 58 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया
कहते हैं कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, लेकिन अगर इंसान ठान ले तो एक दिन जरूर मिलती है इस कहावत को सच कर दिखाया है सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत कासिमपुर गांव के रहने वाले मोहम्मद इंताज ने बेहद सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद मो इंताज ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए. बिहार के लिए रजत पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है.
मध्य प्रदेश के इंदौर में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) के तत्वावधान में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में पूरे देश के सभी राज्यों से खिलाड़ी शामिल हुए थे. इस प्रतियोगिता में मोहम्मद इंताज ने 58 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है.
नेशनल कराटे चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल
मेडल जीतने के बाद मो इंताज ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के सभी राज्यों के खिलाड़ी शामिल थे बिहार को कुल दो पदक प्राप्त हुए, जिसमें एक ब्रॉन्ज और एक सिल्वर शामिल है उन्होंने कहा कि सिल्वर मेडल जीतने के बाद उनका लक्ष्य और बड़ा हो गया है. वे लगातार अभ्यास कर रहे हैं. भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं. उनका सपना है कि कराटे को ओलंपिक से जोड़ा जाए और वे ओलंपिक में भारत के लिए खेलें है. जिला खेल पदाधिकारी वैभव कुमार ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सहरसा जिले के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है. 69वीं SGFI राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में सहरसा के लाल मोहम्मद इंताज ने 58 किलोग्राम भार वर्ग में कराटे में रजत पदक जीतकर पूरे जिले का मान बढ़ाया है. महज 14 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है और यह जिले के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा.
5 ववर्षों से वे लगातार कराटे का अभ्यास कर रहे
मो इंताज एक किसान के बेटे हैं उन्होंने पहली बार SGFI के माध्यम से सहारसा जिले से राज्य स्तर पर चयन प्राप्त किया था. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए इंदौर में शानदार प्रदर्शन किया पिछले करीब पांच वर्षों से वे लगातार कराटे का अभ्यास कर रहे हैं. प्रतिभा और मेहनत के बावजूद लंबे समय तक उन्हें कोई सरकारी मंच नहीं मिल पाया, जिससे वे राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले सके बताया जाता है कि इससे पहले सहारसा जिला SGFI कराटे विधा से जुड़ा हुआ नहीं था, जिसके कारण यहां के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अवसर से वंचित रह जाते थे. मोहम्मद इंताज की इस ऐतिहासिक सफलता ने न केवल जिले को खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई है. बल्कि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए नए रास्ते भी खोले हैं. मो इंताज की यह सफलता यह साबित करती है कि अगर जुनून, मेहनत और लगन हो तो किसी भी परिस्थिति में लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
