बीजपुर/सोनभद्र. @रामबली मिश्रा……

रिहंदेश्वर धाम महादेव मंदिर में शयन आरती के साथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष उपमहाप्रबंधक योगेश त्रिपाठी के पिताजी महामहोपाध्याय डॉ विद्या शंकर त्रिपाठी का 82 वां जन्मोत्सव बड़े हीं भक्तिभाव से मनाया गया। डॉ विद्या शंकर त्रिपाठी उच्च शिक्षा विभाग में प्रोफेसर एवं राजकीय महाविद्यालय में प्राचार्य के पद से 2005 में सेवानिवृत्त हुए। तदुपरांत संस्कृत के क्षेत्र में अपना विशेष योगदान देने के लिए जाने जाते हैं। भारत सरकार ने उन्हें शास्त्र चूड़ामणि विद्वान अलंकार से अलंकृत किया है।
डॉ त्रिपाठी काशी रत्न, प्रयाग गौरव, राष्ट्र गौरव सहित विभिन्न सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं। इस अवसर पर योगेश त्रिपाठी ने कहा ‘आप जिये हजारों साल,साल के दिन हो पचास हजार। आप स्वस्थ रहें और समाज को नई दिशा देने में अपनी महती भूमिका निभाते रहें।’ कुटुम्ब प्रबोधन के जिला संयोजक एवं मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी अनन्त मोहन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला सद्भावना प्रमुख अनिल त्रिपाठी, बीएमएस के अध्यक्ष राकेश राय, महासचिव एस एन पाठक, मंदिर समिति के महासचिव प्रमोद द्विवेदी, कोषाध्यक्ष संजय कुमार, एस के बी पाठक, श्रीराम यादव, रिंकेश उपाध्याय, तेजबली चौबे ने उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

मंदिर के पुजारी विजय दुबे ने मंत्रोच्चार के द्वारा रिहंदेश्वर महादेव से उनके दीर्घायु होने के लिए प्रार्थना किया। तत्पश्चात भजन गायन के साथ शयन आरती किया गया। अंत में प्रसाद एवं मिष्ठान वितरण के साथ इस कार्यक्रम का समापन हुआ। इस कार्यक्रम में भक्तजनों के साथ मंदिर समिति के अनेक सदस्य एवं पदाधिकारी शामिल हुए।