चोपन/सोनभद्र. @कृपा शंकर पांडेय……

नर्वदेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित सप्तदिवसीय श्री राम कथा के तीसरे दिन रविवार को भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का सजीव एवं भावनात्मक चित्रण किया गया। कथा व्यास दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने अत्यंत रोचक शैली में श्रीराम जन्म की कथा सुनाई। जैसे ही भगवान राम के जन्म का प्रसंग आया, पूरा कथा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा के दौरान महाराज ने कहा कि जब-जब धरती पर अनैतिकता, अधर्म, भ्रष्टाचार, चरित्रहीनता और अहंकार बढ़ता है, तब-तब प्रभु मानव रूप में अवतार लेकर भक्तों का कल्याण करते हैं।

उन्होंने बताया कि श्रीराम जगत के पालक और सृष्टि के नियम के एक महत्वपूर्ण तत्व हैं, जिन्होंने साकार रूप धारण कर अयोध्या में राजा दशरथ के घर जन्म लिया। रामकथा मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ जीवन में आदर्श गुणों का संचार भी करती है। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव प्रसंग के दौरान कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। अवतार प्रसंग के साथ ही पूरा क्षेत्र जय श्रीराम के उद्घोष से भक्तिभाव में सराबोर हो गया।
कार्यक्रम में चोपन सहित जनपद सोनभद्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि सप्तदिवसीय श्री राम कथा के माध्यम से क्षेत्र में धर्म, संस्कार और भक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। कथा का समापन प्रतिदिन भजन-कीर्तन एवं आरती के साथ किया जा रहा है।