विंढमगंज/सोनभद्र. @आनंद गुप्ता…..

दुद्धी कस्बे के निजी अस्पताल में सर्जरी से प्रसव के बाद लगातार मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार महुली निवासी चांदनी देवी (24), पत्नी आकाश कुमार कन्नौजिया को परिजनों ने प्रसव के लिए दुद्धी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने सर्जरी कर जिसमें एक लड़की का जन्म हुआ, लेकिन अधिक रक्तस्राव से महिला की हालत बिगड़ गई।
सर्जरी के छह घंटे बाद डॉक्टर ने मां की गंभीर हालत बताकर रेफर कर दिया। रास्ते में ही चांदनी देवी की मौत हो गई, जबकि नवजात को उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह कनहर नदी तट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
दुद्धी क्षेत्र में कई निजी अस्पतालों में सर्जन न होने के बावजूद पैसे के लालच में जटिल प्रसव सर्जरी की जाती हैं। इससे महिलाओं की जान जा रही है। परिजनों का कहना है कि समय से रेफर कर दिया गया होता तो जान बच जाती। पर पैसा बनाने के चक्कर में रेफर नहीं किया गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने ऐसे अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन को निजी अस्पतालों की जांच करनी चाहिए और योग्य डॉक्टरों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यह घटना स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों को उजागर करती है।