घोरावल/सोनभद्र. @विजय अग्रहरी……

घोरावल नगर के शिव मंदिर धर्मशाला प्रांगण में मंगलवार को हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संत रविदास मंदिर वाराणसी के प्रधान पुजारी महंत भारत भूषण एवं विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष हरीराम मिश्रा ने भारत माता और श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता एवं हनुमानजी की प्रतिमा के समक्ष माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि महंत भारत भूषण ने कहा कि हिंदू समाज में समरसता और प्रगति के लिए एकता बेहद जरूरी है। जाति में बंटा हिंदू समाज कमजोर हो रहा है। आज जाति के बंधन को तोड़कर समाज की एकता के लिए कार्य करना होगा। भारत की परंपरा में और प्रामाणिक धर्म ग्रंथों में जातियों का उल्लेख नहीं है। सनातन धर्म से जाति का लेना देना नहीं है। प्राचीन काल में भारतवर्ष और सनातन धर्म पर विधर्मियों ने लगातार हमला किया। विधर्मियों के शासन के दौरान जाति प्रथा का निर्माण हुआ।

कार्य और व्यवसाय ने भी जातियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में प्रत्येक जीव में उस परम ब्रह्म का वास होता है, फिर व्यक्ति व्यक्ति में भेद कैसा? ईश्वर ने सभी को समान बनाया है इसलिए कोई ऊंचा नीचा नहीं है। उन्होंने बौद्ध धर्म मानने वाले लोगों से अपील किया कि वे देश समाज में प्रेम भाईचारा और एकता के लिए कार्य करें क्योंकि वे भी सनातन धर्म का एक हिस्सा हैं।
असली बौद्ध भगवान शिव, माता काली, गणेश, कालभैरव, कुबेर इत्यादि की विभिन्न नामों और रूपों में पूजा करते हैं। वास्तव में सिक्ख, बौद्ध, जैन सभी सनातन परंपरा का हिस्सा हैं। सनातन धर्म में ही वह शक्ति और ज्ञान है जो दुनिया में सुख शांति स्थापित कर सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विहिप के पूर्व नगर अध्यक्ष नंदलाल उमर ने किया, जबकि संचालन रमेशराम पाठक ने किया।इस मौके पर विहिप विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र मौर्या, सभासद बाबूलाल भारती, विहिप के विभाग मंत्री राजीव कुमार, कृष्ण कुमार किसानु, भाजपा मंडल अध्यक्ष सीमा गुप्ता, हिमांशु कुमार, गणेशदेव पांडेय, दयाशंकर रौनियार, उमेश शुक्ला इत्यादि मौजूद रहे।