रेणुकूट/सोनभद्र. @अमिताभ मिश्रा..…..

मुर्धवा स्थित खाटू श्याम मंदिर प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पंडित दीपकृष्ण महाराज ने पहले दिन धुंधकारी उद्धार एवं गोकरण जी महाराज की कृपा से जुड़े महात्म्य की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे।
कथा के दौरान पंडित दीपकृष्ण महाराज ने बताया कि किस प्रकार अधर्म, कुसंगति और पापकर्मों में लिप्त धुंधकारी अपने जीवन में अनेक कष्टों का कारण बना और मृत्यु के बाद भी उसे भयानक यातनाएं सहनी पड़ीं। उन्होंने कहा कि मनुष्य यदि जीवन में सत्संग, धर्म और भक्ति से विमुख हो जाए तो उसका पतन निश्चित है। वहीं दूसरी ओर धुंधकारी के भाई गोकरण जी महाराज ने अपने ज्ञान, तप और श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से धुंधकारी का उद्धार किया।
कथा व्यास ने बताया कि गोकरण जी महाराज द्वारा कराई गई श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से धुंधकारी को प्रेत योनि से मुक्ति मिली। यह प्रसंग इस बात का प्रतीक है कि श्रीमद्भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला अमृत है। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से भगवान का स्मरण और भागवत श्रवण करने से बड़े से बड़ा पाप भी नष्ट हो जाता है।
प्रथम दिन की कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भजनों, श्लोकों और कथा प्रसंगों के माध्यम से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने कथा के अंत में आरती कर भगवान श्रीकृष्ण और खाटू श्याम जी के जयकारे लगाए।