रेणुकूट/सोनभद्र. @अमिताभ मिश्रा……

स्थानीय नगर के गांधी मैदान में आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा वाचक निलेश जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म की दिव्य और भावपूर्ण कथा का विस्तार से वर्णन किया। जैसे ही राम जन्म का प्रसंग प्रारंभ हुआ, पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में सराबोर हो गए।
कथावाचक निलेश जी महाराज ने बताया कि अयोध्या नगरी में दशरथ महाराज के घर भगवान श्रीराम का अवतार अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य का सर्वोच्च उदाहरण है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और संगीतमय प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
राम जन्मोत्सव के प्रसंग पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर आनंद व्यक्त किया। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में नगरवासी कथा श्रवण के लिए गांधी मैदान में मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर आकर्षक सजावट और भव्य मंच ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने बताया कि श्रीराम कथा का यह आयोजन आगामी दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें राम वनगमन, भरत मिलाप और राम राज्याभिषेक सहित अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। श्रद्धालुओं ने कथा से आध्यात्मिक शांति और प्रेरणा मिलने की बात कही।