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हैदराबाद पब्लिक स्कूल में हुई 21वीं एनटीपीसी सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में बिहार ने सामर्थ्य कुमार और अंशिका सिंह की जोड़ी से ब्रोंज मेडल जीतकर इतिहास रचा. यह पहली बार था जब टीम ने ऐसी किसी प्रतियोगिता में ब्रॉंज मेडल अपने नाम किया हो.
बिहार के इतिहास में पहली बार आर्चरी खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में दिया बिहार कोभोजपुर. हैदराबाद पब्लिक स्कूल, तेलंगाना में 16 से 18 दिसंबर तक आयोजित 21वीं एनटीपीसी सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता बिहार के लिए ऐतिहासिक बन गई. बिहार–झारखंड अलग होने के बाद पहली बार सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के रिकर्व राउंड मिक्स टीम इवेंट में बिहार ने ब्रोंज मेडल जीतकर नया इतिहास रचा. इस शानदार उपलब्धि ने न सिर्फ खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि पूरे राज्य का गौरव भी ऊंचा किया.
बिहार के लिए जीत चुके हैं मेडल
इस ऐतिहासिक सफलता में भोजपुर जिले के आरा निवासी खिलाड़ी सामर्थ्य कुमार की अहम भूमिका रही. सामर्थ्य कुमार, पिता शैलेश कुमार, नाला मोड़ के निवासी हैं और वर्तमान में ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल, बभनौली में पढ़ाई कर रहे हैं. उन्होंने तीरंदाजी का प्रशिक्षण भोजपुर तीरंदाजी अकादमी से प्राप्त किया है और इससे पहले भी कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बिहार के लिए मेडल जीत चुके हैं.
खेल इतिहास में जुड़ा नया अध्याय
मिक्स टीम प्रतिस्पर्धा में सामर्थ्य कुमार के साथ बिहार पुलिस की सब-इंस्पेक्टर अंशिका सिंह ने बेहतरीन तालमेल के साथ खेल दिखाया. टीम ने पहले मुकाबले में आंध्र प्रदेश को हराया. दूसरे मैच में महाराष्ट्र जैसी मजबूत टीम को पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया. सेमीफाइनल में झारखंड के खिलाफ कड़ी टक्कर हुई, लेकिन अंतिम क्षणों में बिहार को हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद ब्रोंज मेडल के लिए हुए मुकाबले में बिहार टीम ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाया. ऑल इंडिया पुलिस टीम के खिलाफ खेले गए इस मैच में बिहार ने 6 पॉइंट हासिल कर 0 पॉइंट से जीत दर्ज की. इस जीत के साथ बिहार ने ब्रोंज मेडल अपने नाम कर लिया और राज्य के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया.
इस उपलब्धि पर भोजपुर जिले के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई. यशवंत नारायण सिंह, कौशल सिंह, राजकिशोर सिंह, सरोज सिंह और अभय भट सहित कई लोगों ने खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं.
भोजपुर तीरंदाजी अकादमी के संस्थापक सह कोच नीरज कुमार सिंह ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार की युवा प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं. उन्होंने कहा कि यह ब्रोंज मेडल आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और बिहार को तीरंदाजी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा.
