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satwiksairaj rankireddy chirag shetty: भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने अपने अजेय अभियान को जारी रखते हुए शुक्रवार को यहां ग्रुप बी के अपने अंतिम मैच में मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक की जोड़ी को हराकर सत्र के आखिरी बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स के नॉकआउट चरण में जगह बनाई.
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टीनई दिल्ली. सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने विजय अभियान जारी राखए हुए BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स के नॉकआउट स्टेज में जगह पक्की कर ली है. इस भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को हांगझोऊ में ग्रुप बी के अपने आखिरी मैच में मलेशिया के अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी आरोन चिया और सोह वूई यिक को हराया. तीसरी वरीयता प्राप्त सात्विक और चिराग की जोड़ी ने पहला गेम हारने के बाद संयम और रणनीतिक सूझबूझ दिखाते हुए पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेताओं को 70 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में 17-21, 21-18, 21-15 से हरा दिया. इस तरह वे सत्र के आखिरी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय पुरुष जोड़ी हैं.
ग्रुप बी में सात्विक और चिराग की एकमात्र अजेय जोड़ी को सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए सिर्फ एक जीत की जरूरत थी. वे मलेशियाई खिलाड़ियों के खिलाफ जीत के रिकॉर्ड में 5-11 से पीछे थे. लेकिन उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव करके अपने विरोधियों को दबाव में लाकर हरा दिया. साल के आखिर में होने वाले बीडब्ल्यूएफ फाइनल्स में भारत की मौजूदगी कम ही रही है. पीवी सिंधू एकमात्र भारतीय हैं जिन्होंने यह खिताब जीता है. उन्होंने 2018 में महिला एकल का खिताब जीता था जबकि साइना नेहवाल 2011 में फाइनल में पहुंची थीं. युगल में ज्वाला गुट्टा और वी दीजू 2009 सुपर सीरीज फाइनल के मिश्रित युगल फाइनल में पहुंचे थे.

कैसा रहा मुकाबला?
मैच शुरू से ही बहुत रोमांचक था. दोनों टीमें सर्विस और रिटर्न पर ध्यान दे रही थीं ताकि एक-दूसरे को छका सकें. शुरुआत में मुकाबला बराबरी का रहा और स्कोर 6-6 पर पहुंच गया. इसके बाद मलेशियाई जोड़ी 9-6 से आगे निकल गई, लेकिन भारतीय जोड़ी ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 10-10 कर दिया. हालांकि, ब्रेक के समय मलेशिया के पास 11-10 की मामूली बढ़त थी. ब्रेक के बाद भारतीय खिलाड़ियों से कुछ गलतियां हुईं, जिसका फायदा उठाकर मलेशियाई जोड़ी 18-12 से आगे हो गई और उन्होंने पहला गेम आसानी से जीत लिया.
दूसरे गेम में वापसी
दूसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली. दोनों टीमें शटल को नीचे रखते हुए तेज हमले कर रही थीं. एक समय चिराग शेट्टी को खेल में देरी करने के लिए येलो कार्ड भी दिखाया गया, लेकिन इससे उनका हौसला नहीं टूटा. भारतीयों ने दमदार स्मैश की झड़ी लगा दी और दूसरा गेम जीतकर मैच को निर्णायक (तीसरे) गेम में पहुंचा दिया. इसी जीत के साथ उन्होंने नॉकआउट दौर में अपनी जगह भी पक्की कर ली.
तीसरे गेम की शुरुआत थोड़ी लड़खड़ाहट के साथ हुई, लेकिन सात्विक और चिराग ने जल्द ही 11-9 की बढ़त बना ली. इसके बाद उन्होंने मलेशियाई खिलाड़ियों को वापसी का मौका नहीं दिया. स्कोर 17-13 हुआ और फिर सात्विक के शानदार रिटर्न की बदौलत भारत को पांच मैच पॉइंट मिले. अंत में मलेशियाई खिलाड़ी की गलती से भारत ने यह मुकाबला अपने नाम कर लिया.
साल के अंत में होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है. पीवी सिंधु एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 2018 में यह खिताब जीता था. साइना नेहवाल 2011 में फाइनल तक पहुंची थीं. ज्वाला गुट्टा और वी. दीजू 2009 में मिक्स्ड डबल्स के फाइनल में पहुंचे थे.
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें
