रेणुकूट/सोनभद्र. @अमिताभ मिश्रा….

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के पूर्व राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता चित्रांश नितिन नबीन सिन्हा को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर पूरे कायस्थ समाज में हर्ष और उत्साह का माहौल है।
इस अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की बैठक में महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि नितिन नबीन सिन्हा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनना न केवल कायस्थ समाज बल्कि देश की राजनीति के लिए भी गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज सदैव शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, साहित्य और विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि मुगल काल से लेकर ब्रिटिश काल तक कायस्थ समाज को लेखक, मुंशी-मुनीम, लिपिक एवं राजस्व प्रशासक के रूप में विशिष्ट पहचान मिली। 10वीं–11वीं सदी से ऐतिहासिक उल्लेखों में कायस्थ समाज की महत्वपूर्ण भूमिका दर्ज है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज़ाद भारत की राजनीति तक कायस्थों का प्रभावशाली योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, साहित्य के क्षेत्र में हरिवंशराय बच्चन और मुंशी प्रेमचंद्र, विज्ञान जगत में शांति स्वरूप भटनागर, जगदीश चंद्र बोस और सत्येंद्र नाथ बोस, तथा स्वतंत्रता संग्राम में सुभाष चंद्र बोस, चितरंजन दास, रासबिहारी बोस, खुदीराम बोस और गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे महान विभूतियों ने देश का नाम रोशन किया है।
उत्तर प्रदेश में कायस्थ समाज की आबादी लगभग 1.5 से 2 करोड़ के बीच है, जो प्रदेश की कुल जनसंख्या का 3 से 4 प्रतिशत है। प्रदेश के 37 जिलों की 67 विधानसभा सीटों पर कायस्थ समाज की प्रभावी उपस्थिति है, वहीं 25 सीटों पर समाज निर्णायक भूमिका निभाता है। बिहार विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि भाजपा और जदयू ने मात्र एक-एक सीट पर कायस्थ प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें भाजपा से नितिन नबीन ही उम्मीदवार थे। वे लगातार पांचवीं बार विधायक चुने गए और वर्तमान में बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
उनके पिता स्वर्गीय नवीन किशोर सिन्हा भी विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे। इस खुशी के अवसर पर उपस्थित लोगों के बीच मिष्ठान वितरण किया गया। कार्यक्रम में आशिष श्रीवास्तव, धीरज श्रीवास्तव, पवन श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, उदय प्रसाद, अजय श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, पवन सिन्हा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।