@जेo केo/सोनभद्र…….
__नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर सांठगांठ का आरोप
__बीते 3 साल में सैकड़ों करोड़ रुपए की जमीन का वारा न्यारा करने का आरोप
__सन 1856 में डेढ़ बीघा आबादी की जमीन पर बना था थाना, आबादी की जमीन नगर पंचायत के खाते में चली गई
__डीएम बद्री नाथ सिंह ने जांच के लिए बनाई तीन सदस्यीय कमेटी

Sonbhadra । जनपद में जमीन का बड़ा खेल किया जा रहा है, इस कार्य को इतनी सफाई से अधिकारी और जनप्रतिनिधि कर रहे हैं कि आप को एहसास भी नहीं होगा, स्थानीय लोगों की उठने वाली विरोध की आवाज भी बौना साबित हो रही है, घोरावल नगर पंचायत क्षेत्र में आने वाले आबादी की जमीन को निजी लोगों के हाथों में देने से वहां के स्थानीय और सभासद इसका विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि अरबों रुपए की जमीन पर दूसरे लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है।
आबादी की जमीन पर जिसका कब्जा उसकी जमीन की कहानी चलती है, इसी का फायदा कुछ लोग उठा रहे हैं और नगर पंचायत विभाग मूकदर्शक की भूमिका में बैठा है। उसकी संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है।

मामला घोरावल नगर पंचायत क्षेत्र से सामने आया है, जहां अरबों रुपए की कीमत वाली डेढ़ बीघा जमीन पर निजी लोगों द्वारा कब्जा करने की शिकायत जिलाधिकारी से की गई है, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश सिंह और कई सभासदों ने डीएम से मुलाकात कर शिकायती की है कि नगर पंचायत की जमीन पर बाहरी लोग निर्माण कर कब्जा कर रहे हैं, नगर के मध्य डेढ़ बीघा जमीन पर 1856 में पुलिस थाना बना था, वहां के पूर्वजों ने थाना बनाने के लिए यह जमीन दी थी, आo नं0 378स, आबादी की भूमि पर बने सन् 1856ई0 के थाना भवन प्रांगण में स्थित सभी कमरो व दिवालों को कुछ स्थानीय लोगों के सहयोग से बाहरी आराजक तत्वों द्वारा धीरे-धीरे करके पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।

जो आज मलवे के रूप में तब्दील हो चुका है। इसकी शिकायत पूर्व में भी स्थानीय लोगों एवं सभासदो द्वारा राजस्व एवं नगर पंचायत प्रशासन को दी गयी थी, परन्तु कोई कार्रवाई अभी अभी तक नहीं हुई, डीएम से मुलाकात कर शिकायती पत्र में अनुरोध कर करोड़ो रूपये की सम्पत्ति जो राजस्व की है, उस पर तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग की गई है ।
जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह ने शिकायत की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जिसमें न्यायिक एडीएम रमेश कुमार यादव, सीओ घोरावल और नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी शामिल है