विंढमगंज/सोनभद्र. @आनंद गुप्ता……

विंढमगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सोमवार को एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से आशा बहनों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान अपनी गंभीर समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया। आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लंबे समय से उन्हें प्रोत्साहन राशि, मानदेय तथा वर्ष 2025 के अंतर्गत किए गए कार्यों का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
प्रदर्शन में शामिल आशा कार्यकर्ताओं में शाहजहां बेगम, रुक्मिणी देवी, विंदा देवी, सुनीता देवी, ललिता देवी, सरिता देवी, रूपा देवी, कुसुम देवी, उषा देवी, मीरा देवी, चिंता देवी, प्रतिमा देवी, रिंकू देवी, ममता देवी एवं मीना देवी प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। सभी आशा कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वे वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, परिवार नियोजन, प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात देखभाल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं को सफल बनाने में दिन-रात मेहनत कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर उनका मेहनताना नहीं मिल पा रहा है।
आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि भुगतान को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। उनका कहना है कि समय पर भुगतान न होने के कारण घर-परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है, वहीं दूसरी ओर कार्य का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आशा बहनों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सभी लंबित प्रोत्साहन राशि एवं मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए, भविष्य में भुगतान की समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा आशा बहनों को न्यूनतम मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सुविधाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस संबंध में स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को उच्च अधिकारियों तक भेजने तथा समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है। फिलहाल आशा कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है और वे प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रही हैं।