रेणुकूट/सोनभद्र. @अमिताभ मिश्रा…..

समन्वय परिवार में सनातन एकता सेवा संघ द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान मंगलवार को प्रस्तुत हुई भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी की नटखट लीला ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य अखिलेश्वरानंद महाराज ने गोकुल में घटी इस दिव्य लीला का ऐसा सजीव वर्णन किया कि कथा स्थल में उपस्थित भक्त हर्ष और भक्ति रस में डूब गए।
महाराज जी ने बताया कि बीते दिनों गोकुल ग्राम में माखन चोरी की घटनाएँ बढ़ गई थीं, जिनके केंद्र में नंद के नन्हे पुत्र कृष्ण को ही मुख्य संदिग्ध माना गया। ग्राम की वरिष्ठ गोपी ललिता सहित कई गोपियों ने शिकायत की कि उनके घरों में रखे माखन के मटके सुबह खाली मिलते हैं। उन्होंने बताया कि आँगन में छोटे-छोटे पैरों के निशान और गिरे हुए माखन की लकीरें कान्हा की शरारत की ओर इशारा कर रही थीं।
अन्य गोपियों ने भी यही कहा कि बालक कृष्ण माखन चुराकर स्वयं खाने के साथ-साथ बछड़ों और बंदरों में भी बाँट देते हैं। शिकायत लेकर जब गोपियाँ नंद भवन पहुँचीं, तो यशोदा मैया ने मुस्कुराते हुए सभी की बातें सुनीं। नटखट कृष्ण बार-बार उनकी पकड़ से फिसल जाते, जिसे देखकर सभी के चेहरों पर मुस्कान आ गई। अंततः जब कृष्ण पकड़े गए तो उनके गाल माखन से लथपथ थे। मासूमियत भरे स्वर में कृष्ण बोले—
“मैया! मैं तो बस देख रहा था कि आपका माखन कितना स्वादिष्ट है।”
इस उत्तर पर गोपियाँ नाराज़गी भूलकर हँस पड़ीं और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। महाराज जी ने बताया कि यह लीला केवल बाल-क्रीड़ा नहीं, बल्कि भक्तों के निष्कपट प्रेम हृदय के ‘माखन’ को स्वीकार करने का दिव्य संदेश है। कथा में मुख्य अतिथि सीओ पिपरी अमित कुमार और थाना प्रभारी सत्येन्द्र राय उपस्थित रहे। सीओ ने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला उनकी माँ होती है, इसलिए माताओं को संस्कारों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कथा के यजमान अवधेश मिश्र, विकास सिंह, शमशेर सिंह, मिथलेश मिश्र, पवन पांडेय, आशीष मिश्र, अनुराग पाठक समेत नगर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे और कृष्ण-लीला का आनंद लिया।