म्योरपुर/सोनभद्र. @संदीप अग्रहरी……
__तीन वर्ष पहले लगी थी हाईमास्ट लाइट परन्तु आज तक नहीं मिली रोशनी

सरकार की मंशा रहती है कि आम जनता को सुविधाओं का लाभ मिले, माननीय भी इसको बखूबी जानते हैं लेकिन अधीनस्थ योजनाओं को पलीदा लगाते दिख रहे हैं।
म्योरपुर गांव में लगाई गई हाईमास्ट लाइट मात्र शोपीस बनी हुई है। लाइट के लिए न तो बिजली कनेक्शन कराया गया और न ही आज तक इससे रोशनी ही मिली है। जिसे देख केवल यही कहा जा सकता है कि यहां बस सरकारी धन की बर्बादी हुई है।
लोगों को हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकारी खजाने तो खोले जाते हैं लेकिन उस खजाने का दुरुपयोग कैसे होता है है, यह देखना हो तो म्योरपुर गांव चले जाइए। कर्बला के पास लगे हाईमास्ट लाइट व हवाई पट्टी गेट के पास लगे हाईमास्ट लाइट 3 वर्ष पहले लाखों खर्च कर राज्यसभा सांसद निधि से हाई मास्ट लाइट लगवाई गई थीं।

इस लाइट को लगवाने का मात्र इतना सा उद्देश्य था कि इससे गांव रोशन होगा। लेकिन शायद इसे जिम्मेदारों की उपेक्षा का ग्रहण लग गया और आज तक हाईमास्ट खुद रोशनी की तलाश करता दिख रहा है। लोगों ने सोचा कि अब तो गांव रात में रोशन होगा और गडि़या पड़री, करकोरी, परनी जाने वाले राहगीरों को इसका लाभ मिलेगा लेकिन आलम यह है कि जिम्मेदार लाइट लगवाने के बाद उसमें बिजली का कनेक्शन ही करवाना भूल गए।
अब जब कनेक्शन ही नहीं हुआ तो हाईमास्ट लाइट से लोगों को रोशनी कैसे मिलेगी, इसका जवाब तो जिम्मेदार ही दे सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बीते 3 साल से वे केवल हाईमास्ट को देख रहे हैं लेकिन उससे प्रकाश का दर्शन आज तक नहीं कर सके हैं। जिसके चलते यह लाइट केवल शोपीस बनकर रह गई है।
ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मौखिक भी की है की लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से समस्या का समाधान कराये जाने की मांग की है।