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बस्तर ओलंपिक 2025 के दूसरे एडिशन का आगाज 11 दिसंबर से होगा. इसका समापन 13 दिसंबर को होगा. यह खेल एशिया के सबसे बड़े जनजातीय खेल आयोजनों में शुमार हो चुका है. खिलाड़ियों के साथ साथ सरेंडर नक्सली भी ओलंपिक का हिस्सा बनने जा रहे हैं. उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है. माओवादियों की टीम का नाम नुआ बाट है.
बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया. नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ की पहचान कभी नक्सलियों के लिए हुआ करती थी. लेकिन आज यहां के नक्सली धीरे धीरे समाज के मुख्य धारा की ओर लौटने लगे हैं. वे बंदूकें छोड़कर खेल के मैदान का रुख करने लगे है. बस्तर ओलंपिक में सरेंडर नक्सलियों की एक टीम भी हिस्सा लेने जा रही है जिसका आयोजन 11 से 13 दिसंबर तक होगा. बस्तर ओलंपिक के दूसरे एडिशन में 4 लाख खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर कराया है. इस ओलंपिक में जो सरेंडर नक्सली हिस्सा लेने जा रहे हैं उनकी टीम का नाम ‘नुआ बाट’ है.
बस्तर ओलंपिक में यहां की सात जिलों की 7 टीमें हिस्सा लेती हैं. साथ ही एक टीम सरेंडर नक्सलियों की होती है. इसमें नक्सल हिंसा से पीड़ित लोग भी होते हैं. इस टीम का नाम नुआ बाट है. नुआ बाट का अर्थ होता है नया रास्ता. इसे सरेंडर नक्सलियों के लिए किया गया है. यहां के जिन माओवादियों ने सरेंडर किया है और हिंसा को छोड़कर मुख्य धारा की ओर लौटने का फैसला लिया है उन्हें इसी कैटेगरी में रखा गया है. पिछली बार से इस बार नुआ बाट कैटेगरी में सरेंडर माओवादियों की संख्या ज्यादा है.

बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया.
121 गांव पहली बार जुड़े
इस बार बस्तर ओलंपिक में 121 गांव पहली बार जुड़े हैं.इनमें लखापाल, जोनागुडा और सिलगेर जैसे संवेदनशनील क्षेत्र शामिल हैं. लगभग 240 सरेंडर नक्सली और 14 माओवादी हिंसा से दिव्यांग खिलाड़ी भी मैदान में उतरे हैं.पिछली बार नुआ बाट टीम की ओर से 300 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था.
जगदलपुर में होगा संभाग स्तर का आयोजन
बस्तर ओलंपिक का आयोजन पहले स्कूल लेवल पर होता है. इसके बाद ब्लॉक स्तर पर जाता है. फिर से जिला स्तर पर ले जाया जाता है. जिला के बाद संभाग स्तर पर ओलंपिक का फाइनल मुकाबले होते हैं. बस्तर ओलंपिक का संभाग स्तर जगदलपुर में होगा. इसमें भाग लेने वाली लगभग सभी टीमें पहुंच चुकी हैं और अपनी तैयारी की भी शुरू कर दी है. बस्तर ओलंपिक में कई खेलों का आयोजन होता है जिसमें कबड्डी, रस्साकशी और खो खो आदि शामिल है.
बस्तर ओलंपिक में कौन-कौन से खेल हो रहे?
साल 2024 लगभग 350 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन इस बार ये संख्या बढ़कर 600 तक पहुंचने का अनुमान है. बस्तर ओलंपिक में रेस, बैडमिंटन,कबड्डी, रस्साकशी के अलावा तीरंदाजी, हॉकी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स जैसे गेम्स होते हैं, जो इंटरनेशनल लेवल पर हर चार साल में खेले जाने वाले ओलंपिक का हिस्सा हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी कर चुके हैं बस्तर ओलंपिक की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बस्तर ओलंपिक की कई बार तारीफ कर चुके हैं. पीएम ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किला के प्राचीर से बस्तर ओलंपिक की सराहना कर चुके हैं जबकि कई बार उन्होंने मन की बात प्रोग्राम में भी बस्तर ओलंपिक का जिक्र किया है.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

