@जे0 के0/सोनभद्र……..

Sonbhadra। दुद्धी गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन एवं आदिवासी एकता मंच के कार्यकर्ताओं ने आरक्षण को लेकर जीआईसी मैदान से जुलूस निकाल कर नारेबाजी करते हुए तहसील पहुँच कर ज्ञापन सौंपा। उपजिलाधिकारी नामित ज्ञापन न्यायिक एसडीएम अश्वनी सिंह को देते हुए सम्बोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम, बबई सिंह मरकाम सहित अन्य लोगों ने कहा कि प्रदेश में आजादी के बाद जनजातियों को दो प्रतिशत आरक्षण मिला।
जिसमें की थारू, भिक्सा, भाटिया, सहरिया, बंजारा, नायक, ओझा आदि कई जाति आते हैं। पूर्वांचल में कई जाति के जनजाति छूट गए। जैसे गोंड़, खरवार चेरो, बैगा, पनिका, अगरिया, भुइया, पठारी जातियों की 2003 में शामिल किया गया। रैपिड सर्वे कर 2014 से शासनादेश और 2015 में पंचायत चुनाव में सम्मिलित किया गया। लेकिन पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया।
जबकि सरकार के शासनादेश के अकेले सोनभद्र जिला आबादी के आधार पर 20.67 प्रतिशत आदिवासी हैं। जिलावार आरक्षण सीट निर्धारित किया गया है। लेकिन ग्राम प्रधान पद हेतु औसत से कम सीट दिया गया। 2025 में रोजगार हेतु कई विभागों में भर्ती प्रक्रिया चल रहा है। सोनभद्र के आदिवासियों को हिस्सेदारी 20.67 फीसदी मिलनी चाहिए।
नए शासनादेश में जनजातियों को आबादी के आधार पर आरक्षण मिला है। सरकार से हमारी मांग है कि सरकारी नौकरी में आरक्षण मिले सोनभद्र आदिवासी के साथ न्याय संगत हो। इस कार्यक्रम में उमाशंकर सिंह आदिवासी अधिकार मंच, रामनारायण, फौजदार सिंह परस्ते, बृजेश कुमार सिंह, राज नारायण गोंड, देव कुमार, जोखन सिंह, अशोक आदि मौजूद रहे।