डाला/सोनभद्र (गुड्डू तिवारी)…..
__मनुष्य को पाप और बुरे कर्मों से बचना चाहिए- कथावाचक मधुसूदन शास्त्री

स्थानीय नगर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध प्राचीन श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के स्थापना दिवस पर आयोजित पांच दिवसीय मानस प्रवचन के प्रथम दिन रविवार को कथावाचक मधुसूदन शास्त्री के मुखारविंद से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के अवतार का व्याख्यान बड़े भाव भरे शब्दों में किया गया। भगवान राम के जन्म का वर्णन सुन श्रोता भावविभोर हो उठे।
पांच दिवसीय मानस प्रवचन का शुभांरभ संध्या बेला में बड़े ही विधि-विधान के साथ मंदिर के महंत पंडित मुरली तिवारी की उपस्थिति में विद्वान पंडितों द्वारा गगनभेदी मंत्रोच्चार व स्वस्तिवाचन के साथ शुरू कराया गया व्यासपीठ पर अयोध्या से पधारे कथावाचक मधुसूदन शास्त्री के पहुंचते ही उनके स्वागत के लिए भक्तों की कतार लग गई मानस परिवार समिति के अध्यक्ष नीरज पाठक व अखिलेश पांडेय, संतोष त्रिपाठी, राजवंश चौबे,सनोज तिवारी, राकेश पासवान, संतोष शर्मा द्वारा माला पहनाकर कथावाचक का स्वागत किया गया।
कथावाचक श्री शास्त्री ने भगवान राम के जन्म का विस्तार पूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि संत के वेश को धारण करने के बाद सामाजिक अनाचार जो कोई भी करेगा तो उसे रावण की तरह तिरस्कार करके जलाया जाएगा क्योंकि रावण ने संत के भेष में सीता का हरण करके पाप किया था। संत का हृदय करुणा से भरा हुआ होता है कर्मों को भोगने के लिए जन्म लेना पड़े तो उसे प्रारब्ध कहते हैं इसलिए मनुष्य को पाप और बुरे कर्मों से हमेशा बचना चाहिए।
कथा विराम के पूर्व श्री रामचरितमानस रामायण की आरती कर सभी देवी-देवताओं के जयकारे लगाए गए जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा इसके बाद रामकथा में उपस्थित सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया ।मानस परिवार समिति के अध्यक्ष नीरज पाठक ने बताया कि मानस प्रवचन 16 अक्टूबर तक प्रत्येक दिन शाम सात बजे से रात्रि दस बजे तक होगा। संचालन जगदीश तिवारी ने किया।इस दौरान पंडित ओमप्रकाश तिवारी,सजावल पाठक, दिनेश जैन, विकास जैन,देवनाथ चंद्रवंशी,संजय मिश्रा, उत्तम मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।
