अनपरा/सोनभद्र (उमेश सिंह)……
— युवा विस्थापित सेवा समिति सुचारू रूप से सफाई कार्य कराने की नगर विकास मंत्री से की मांग

— विस्थापित के बीच हुए समझौते का परियोजना प्रबंधन नही कर रहा अनुपालन
अनपरा युवा विस्थापित सेवा समिति ने उत्तर प्रदेश नगर विकास व ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर परियोजना प्रबन्धन पर गंभीर आरोप लगाया हैं, रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से पत्र भेजकर बताया कि विस्थापितो की जमीन को अधिग्रहण के समय अनपरा तापीय परियोजना व जिला प्रशासन और समिति के बीच समझौता हुआ था।
परियोजना निर्माण में जिन विस्थापितो की भूमि अधिग्रहित की जा रहीं हैं। उनके प्रत्येक परिवार से एक को रोजगार व मकान के लिए 40×60 का प्लाट के साथ मूलभूत सुविधाएं दी जाएगी साथ ही संविदा के कार्यों में पच्चास प्रतिशत विस्थापितों को आरक्षण दिया जाएगा।कई वर्ष बीत जाने के बाद भी इस समझौते का पहल नहीं किया गया। इसको लेकर विस्थापितों में काफी रोष व्याप्त हैं।
समिति के अध्यक्ष रंजीत गुप्ता ने कहा कि डिबुलगंज क्षेत्र में परियोजना द्वारा विस्थापित परिवारो को प्लाट आवंटन किया हैं।लेकिन प्लाट परियोजना के नाम दर्ज हैं। विस्थापित परिवार अपने पूरे जीवन की गाढ़ी कमाई से मकान बनाता हैं।और उसका मालिकाना हक प्रबंधन होता हैं।निवास कर रहे विस्थापितों को 40 साल पहले मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थी।इसके बाद से नाली,पानी,सफाई-सफाई कार्य का अनुरक्षण एक बार भी नहीं कराया गया।
नगर की गठन के बाद निकाय द्वारा वार्ड में साफ-सफाई,नाली,पानी, बिजली, स्कूलों का कायाकल्प, सड़क का निर्माण व अनुरक्षण कार्य निकाय द्वारा की जा रही थी।तानाशाह प्रबन्धन ने अपने स्वामित्व की जमीन पर किसी तरह का कार्य नपं द्वारा करने को रोक लगा दी।बीते दिनों अताप के अधीक्षण अभियंता ने महेंद्र सिंह निकाय को पत्र भेज परियोजना की भूमि पर अनुमति वगैर नपं द्वारा किसी तरह कार्य न करने की हिदायत दी।
जिस कारण वार्ड,02 ,08, 12, 16 में कूड़ो का ढ़ेर लग गया, बदबू से रहसवासियो का जीवन बेहाल हो गया, विस्थापितों ने कहा कि पुर्नवास क्षेत्र में परियोजना कोई विकास कार्य नहीं करना चाहती हैं।और न तो निकाय को करने देना चाहती हैं।इसको लेकर विस्थापितों में भारी नाराजगी हैं, पुनर्वास क्षेत्र में आवंटित प्लाटो को विस्थापितों के नाम दर्ज कराकर परियोजना के नाम से मुक्त करें।जिससे पुर्नवास बस्तियों के चौमुखी विकास निकाय द्वारा किया जा सके ।
परियोजना का आदेश निरस्त कर निकाय को तत्काल निर्देशित करें जिससे पुर्नवास परिक्षेत्र का सुचारू रूप से नियमित साफ-सफाई, सड़क, नाली,पानी, बिजली का अनुरक्षण एवं निर्माण कार्य नपं द्वारा विकास कार्य कराया जा सके।ऐसा न करने की स्थिति में विस्थापित परिवार आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी अताप प्रबंधन की होगी।