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Hikaru Nakamura Threw D Gukesh Controversy: टेक्सास में ‘चेकमेट अमेरिका बनाम इंडिया’ के दौरान हिकारू नाकामुरा ने डी गुकेश के किंग दर्शकों में फेंक दिया, जिसे लेकर बवाल मच गया. लोग इस प्रकरण पर अमेरिकी शतरंज खिलाड़ी की जमकर क्लास लगा रहे हैं.
चेस के मैदान में बवालनई दिल्ली. क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी जैसे मैचों के दौरान आपने और हमने कई बार मैदान पर दो टीम या दो प्लेयर्स के बीच गरमा-गरमी जरूर देखी होगी. ऐसा होना लाजमी भी है क्योंकि मैदान पर जोश और जुनून के बीच अक्सर ऐसा हो ही जाता है लेकिन क्या कभी चेस यानी शतरंज के खेल के दौरान आपने शोर-शराबा, हूटिंग या झगड़े जैसा कुछ देखा है. जी हां, अमेरिका में मौजूदा डी गुकेश के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. ‘चेकमेट: अमेरिका बनाम इंडिया’ टेक्सास में चल रहा था. तभी अमेरिका के ग्रैंडमास्टर हिकारू नाकामुरा ने भारत के मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश को मात दी. जीत के जोश में हिकारू ने शतरंज के खेल में गुकेश की किंग वाली गोटी को उठाया और उसे दर्शकों की भीड़ में फेंक दिया.
फैन्स ने लगा दी नाकामुरा की क्लास
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर मानो शतरंज की बिसात ही पलट गई. फैन्स ने नाकामुरा की जमकर क्लास लगाई. उनके लिए असंवेदनशील, बदतमीज और अभद्र जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया. रूस के दिग्गज ग्रैंडमास्टर व्लादिमीर क्रामनिक ने भी इस घटना पर प्रतिकिया दी. उन्होंने कहा कि ये आधुनिक शतरंज के पतन का संकेत है. कई खिलाड़ी जैसे वेस्ली सो या खुद गुकेश सम्मान और परिपक्वता दिखाते हैं लेकिन नाकामुरा के ऐसे व्यवहार खेल की गरिमा को ठेस पहुंचती है.”
पहले से प्लांड था पूरा ड्रामा
कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. बाद में पता चला कि ये पूरा “ड्रामा” दरअसल इवेंट ऑर्गनाइजर्स की प्लानिंग का हिस्सा था. शतरंज एक्सपर्ट लेवी रोजमैन ने अपने यूट्यूब वीडियो में बताया, “इसे दर्शकों के मनोरंजन के लिए प्लान किया गया था. जो भी खिलाड़ी जीतेगा, उसे किंग को दर्शकों की तरफ फेंकना था. यह बस शो का हिस्सा था, न कि अपमान.” उन्होंने यह भी बताया कि मैच के बाद हिकारू ने खुद गुकेश से बात की और समझाया कि यह सब मनोरंजन के लिए था, किसी तरह की बेइज्जती का इरादा नहीं था.

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

