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तुर्की की स्पोर्ट्स एंकर आइसन अक्सोय का जादू देखते ही देखते दुनिया पर छा गया. फुटबॉल चैंपियंस लीग के दौरान टीवी पर नजर आ रही अक्सोय को फैन्स खूब पसंद करने लगे. इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स भी बढ़ते चले गए. जब इस एंकर का सच सामने आया तो हर कोई हैरान रह गया. इस दौरान कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्हें महिला का असली रूप बिल्कुल भी पसंद नहीं आया.

तुर्की की स्पोर्ट्स एंकर आइसन अक्सोय ने डेब्यू के साथ ही फुटबॉल फैन्स का दिल जीत लिया. उनकी खूबसूरती और अंदाज ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं. लोग उन्हें ‘परफेक्ट लेडी’ कहने लगे, लेकिन उनकी पहचान के पीछे का सच उतना सीधा नहीं था जितना बाहर से दिखता था.

जब आइसन अक्सोय की लोकप्रियता चरम पर थी, तभी एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ. दरअसल वह कोई असली इंसान नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रचना थी. यह खबर सामने आते ही खेल जगत और मीडिया फैन्स दोनों के बीच हलचल मच गई.

आइसन अक्सोय का पूरा लुक और पर्सनैलिटी दरअसल अल्बानियाई स्पोर्ट्स प्रेजेंटर ईवा मुराटी से प्रेरित थी. क्रिएटर्स ने मुराटी की पब्लिक इमेज को मॉडल बनाकर इस AI को डिजाइन किया. इस वजह से लोगों को लंबे समय तक लगा कि वह कोई वास्तविक एंकर ही हैं.

आइसन अक्सोय के लिए इंस्टाग्राम अकाउंट भी बनाया गया. सिर्फ सात महीनों में ही उस पर 45,000 से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़ गए. यहां उनकी तस्वीरें और वीडियो खूब शेयर किए गए, जिससे फैन्स को और भी यकीन हो गया कि वह असली टीवी प्रेजेंटर हैं.

तुर्की के बड़े फुटबॉल क्लब जैसे गालातसराय, फेनरबाहचे और बेशिकतास के रंगों में आइसन को सजाया गया. इससे हर क्लब के फैन्स खुद को उनसे जुड़ा महसूस करने लगे. यही चाल सबसे ज्यादा कामयाब रही और उनकी फैन फॉलोइंग तेजी से बढ़ती चली गई.

आइसन अक्सोय के क्रिएटर्स ने उनकी लोकप्रियता को पैसे में बदलने का भी तरीका निकाल लिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक फैन्स से करीब 770 पाउंड तक चार्ज कर खास तरह का कंटेंट बेचा गया. यानी यह पूरा खेल एक कमर्शियल एक्सपेरिमेंट की तरह चला.

आइसन अक्सोय का केस बताता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कितनी तेजी से असली और नकली की सीमाओं को मिटा रहा है. फैन्स जिन्हें असली मानकर फॉलो कर रहे थे, वह सिर्फ एक वर्चुअल कैरेक्टर निकलीं. कुछ फैन इस एंकर का सच जान इससे नफरत भी करने लगे.
