म्योरपुर/सोनभद्र (संदीप अग्रहरी)……

गुरुवार की रात श्रीराम लीला समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीरामलीला जनक बाजार और फुलवारी लीला के प्रसंगों का मंचन हुआ। राजा जनक के आमंत्रण पर विश्वामित्र के साथ श्रीराम-लक्ष्मण मिथिला पहुंचते हैं। प्रभु श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण को साथ लेकर गुरु विश्वामित्र से आज्ञा लेकर जनकपुर बाजार में घूमने निकल पड़ते हैं। इस सुंदर श्याम-गौर जोड़ी को देखकर वहां के निवासी भाव विह्वल हो जाते हैं। वहीं, दर्शक भी प्रभु लीला में डूबे नजर आए।
श्रीराम-लक्ष्मण टहलते-टहलते पूरे जनकपुर बाजार का अवलोकन करते हैं। दुकानदार अपने-अपने सामानों की खूबियां बताते हैं। जनकपुरवासी कहते हैं कि कितनी सुंदर जोड़ी है। सहज ही मन को मोहित कर लेती है। जनकपुर वासी भगवान श्रीराम व लक्ष्मण का जोरदार अगुवानी कर स्वागत करते हैं। दोनों भाई घूमते-घूमते जनकपुर की पुष्प वाटिका में पहुंच जाते हैं और गुरु की पूजा के लिए कुछ पुष्प चुनने लगते हैं। तब वहां का माली उनसे कहता है कि प्रभु आप कष्ट न करिए मैं अपने हाथों से पुष्प चुनकर देता हूं।

उसी समय जनक नंदिनी मां जानकी सहेलियों के साथ पुष्प वाटिका में प्रवेश करती हैं। जानकी की प्रिय सखी दोनों जोड़ियों को देखकर भाव-विह्वल हो जाती हैं। तभी मां जानकी की नजर प्रभु श्रीराम पर पड़ती है और वह भी उन्हें देखकर पलकें झपकाना भूल जाती हैं। यह श्रृंगारिक मंचन दर्शकों को खूब भाया। अगले दृश्य में सहेलियां मां जानकी को पूजन के लिए गौरी माता के मंदिर में ले जाती हैं।पूजन के बाद मां गौरी उन्हें मन पसंद वर प्राप्त होने का वरदान देती हैं। रामलीला का मंचन देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ जुट रही है।
इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष मनोज जायसवाल, उपाध्यक्ष संदीप अग्रहरि, मनदीप गुप्ता, कोषाध्यक्ष सुनील अग्रहरि गोटिया, सुजीत अग्रहरि, महामंत्री शुभम अग्रहरी, मंत्री अमित रावत, सुदेश अग्रहरि बुग्गी, आलोक अग्रहरि, भूपेंद्र गुप्ता, रामलीला कमेटी व मंडली के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।