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Mirzapur News. मिर्जापुर प्राकृतिक सुंदरता और इतिहास का अनोखा संगम है. यहां की खास पहचान हैं पहाड़ों से निकलते पांच मनमोहक झरने, जो दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं. झरनों का निर्मल जल, चारों ओर हरियाली और पहाड़ी नज़ारे मन को शांति और सुकून से भर देते हैं.

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर जिला अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है. यहां पहाड़ों की गोद में बसे झरने सैलानियों को खास आकर्षित करते हैं. जिले में पांच प्रमुख वाटरफॉल हैं, जो बरसात और सर्दियों के मौसम में अपनी पूरी भव्यता से नजर आते हैं. इन झरनों से गिरता पानी न केवल मन को शांति देता है, बल्कि रोमांच का अहसास भी कराता है. हरे-भरे जंगलों और पहाड़ी रास्तों से होकर इन जलप्रपातों तक पहुंचना अपने आप में यादगार अनुभव बन जाता है.

शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर लखनिया दरी सबसे फेमस जगह है. यहां पर चुना दरी से पानी पहाड़ों से टकराते हुए करीब तीन किलोमीटर दूर से पानी आता है. लखनिया दरी वाराणसी जिले से नजदीक होने की वजह से काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. उनके लिए यह सबसे खास जगह माना गया है.

शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर सत्तेशगढ़ में सिद्धनाथ दरी स्थित है. सिद्धनाथ दरी में भी पानी करीब 5 किलोमीटर दूर से आता हैं और 100 फीट नीचे गिरता है. पानी की आवाज सुनकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं. यह पर्यटन स्थल भी लोगों की पहली पसंद है.

शहर से 15 किलोमीटर दूर विंढमफॉल है. पर्यटकों के घूमने के लिए ये पसंदीदा जगह है. यहां पर बारिश के दिनों में में दूर-दूर से सैलानी आते हैं. काफी संख्या में पर्यटक यहां पर बाटी-चोखा बनाकर खाते हैं और आनंद लेते हैं.

शहर से सात किलोमीटर दूर खड़ंजाफॉल स्थित है. यहां पर काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. यह सबसे सुरक्षित फॉल है. यहां पर स्नान करने के लिए सबसे उत्तम है. ज्यादातर पर्यटक यहीं पर आते हैं.

शहर के नजदीक फालों में एक टांडाफॉल है. यह करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित है. यह फॉल भी घूमने के लिए सबसे उपयुक्त है. रीवा-वाराणसी मार्ग पर स्थित होने की वजह से काफी संख्या में राहगीर भी यहां पर रुकते हैं. अगर आप भी मिर्जापुर आ रहे हैं तो इन फॉलो पर जरुर घूमना चाहिए.

