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किसान भाई आलू की बुवाई से पहले कर लें यह छोटा सा काम, बंपर होगी पैदावार, एक्सपर्ट जाने सबकुछ

Admin by Admin
September 14, 2025
in उत्तर प्रदेश
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किसान भाई आलू की बुवाई से पहले कर लें यह छोटा सा काम, बंपर होगी पैदावार, एक्सपर्ट जाने सबकुछ
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Last Updated:September 14, 2025, 15:47 IST

Agriculture News: कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी व प्रोफेसर डॉक्टर आई.के कुशवाहा ने लोकल 18 से कहा कि अगर किसान मेहनतकश है तो आलू की फसल ऐसी है जिसमें अच्छी इनकम हो सकती है जो खत होता है. यानी की ताकतदार खेत होना चाहिए. जिसमें अच्छी तरीके से पानी का निकास होना चाहिए. मिट्टी भलोई दोमट होना चाहिए.

मौसम बदलने के साथ ही किसानों के लिए आलू की बुवाई का सीजन भी आ चुका है. जी हां आलू की बुवाई का यह सीजन किसानों को दो बार आलू की फसल लेने का अवसर भी देता है. लेकिन, किसानों को आलू की बुवाई करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना होगा. आलू की फसल किसान को एक अच्छा मुनाफा देकर जाती है. लेकिन आलू की फसल में बुवाई से पहले कुछ पोषक तत्वों का जमीन में होना भी बहुत आवश्यक होता है. आलू की फसल जमीन में होती है.इसलिए जमीन में पोषक तत्वों की मात्र पूरी होना उतना ही जरूरी है. जितना की आलू की बुवाई के समय उसमें खाद और पानी देना.

आलू की फसल को लगाने से पहले किसान सबसे पहले अपने खेत में मिट्टी में हो रही फफूंदी को नष्ट करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के डॉक्टर के द्वारा बताए गए. फफूंदी नासी दबाव का इस्तेमाल जरूर करें. इससे न केवल जमीन में पड़ी फफूंदी खत्म होती है. आलू की फसल खराब होने से बचाती है, उत्पादन अच्छा होता है, पोषक तत्व बरकरार रहते हैं.

इन पोषक तत्वों का आलू की बुवाई से पहले करें प्रयोग
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी व प्रोफेसर डॉक्टर आई.के कुशवाहा ने लोकल 18 से कहा कि अगर किसान मेहनतकश है तो आलू की फसल ऐसी है जिसमें अच्छी इनकम हो सकती है जो खत होता है. यानी की ताकतदार खेत होना चाहिए. जिसमें अच्छी तरीके से पानी का निकास होना चाहिए. मिट्टी भलोई दोमट होना चाहिए. साड़ी गोबर की खाद का उसमें अधिक से अधिक इस्तेमाल किया होना चाहिए तो यह कुछ कंडीशन होती है. अगर ऐसा खेत है तो निश्चित रूप से आप लगभग तीन चार महीने में आराम से कच्चे आलू के फसल निकाल करके दो बार बाजार में भेज सकते हैं. इस समय जो आलू है आलू का बीज ज्यादा बड़ा है तो उसके टुकड़े काटे जाते हैं.

बुवाई के तरीके और समय
अगर बाजार से आप लेते हैं कभी-कभी हमारे किसान भाई मंडी से खरीद लेते हैं.कोई प्रमाणित संस्था नहीं है किसी किस से या मंडी के माध्यम से लेते हैं. आलू के बीजों को बुवाई के लिए तो कुछ चीज है जो बहुत ही महत्वपूर्ण है उन बातों का विशेष किस ध्यान दें. आलू का कंद बुवाई के लिए ज्यादा टाइट नहीं होना चाहिए. जो कंद का एक साइज होता है साइज के हिसाब से उसमें वजन होता है कुछ ऐसी बीमारियां होती हैं. जो कंद के सहारे से खेत में पहुंच करके पूरे खेत को बर्बाद करती हैं.जो वायरस जनक बीमारियां है जिनसे पौधा छोटा होता है छोटे-छोटे कंद ज्यादा निकलते हैं इसको लीफ रोल वायरस कहते है

कीट और रोग नियंत्रण
ऐसे कंद की रोपाई करते है तो पूरे खेत मे फेल जाता है. पौधों का विकास नही होता है. इस लिए किसान भाई कंद की छटाई सही करे आलू का कंद बुआई के लिए चमकदार होना चाहिए. आलू की बुवाई करने के दो तरीके हैं एक तो छोटा कंद को लगा सकते हैं दूसरा बड़े आलू को दो पीस में काटकर उसकी बुवाई कर सकते हैं. बुवाई करने से पूर्व बीज का शोधन जरूर करें बी का शोधन करने के लिए एक बोरिक एसिड आता है इसकी तीन ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी के हिसाब से आलू के बीज के ऊपर छिड़काव करके 1 घंटे के लिए रख कर छोड़ दे. बीज शोध में कुछ फफूंदी नाशक दवाइयां है उनका भी इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे टेबुकोनाज़ोल की एक ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी के हिसाब से आलू के बीज पर छिड़काव कर सकते हैं, दूसरा कार्बेंडाज़िम 25% + मैनकोज़ेब 50% का इस्तेमाल बीज शोधन में कर सकते हैं.

सिंचाई और पोषण
इन चीजों से बीज शोधन करके अगर आप बुवाई करते हैं तो आलू का कंद गलता नहीं है. जिस खेत में आपको बीज की रोपाई करनी है उस खेत में सड़ी गोबर की खाद व जिप्सम पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए. इन खाद का इस्तेमाल मिट्टी को भुरभुरा रखता है पौधों में पोषक तत्व पूरे हो जाते हैं. इसके साथ ही NPK 12-32-16 का प्रयोग अवश्य करना चाहिए. किसान भाई एक बात का विशेष ध्यान दें.सिंगल सुपर फास्फेट का भी लगभग 15 से 20 किलोग्राम प्रति बीघा के हिसाब से खेतों में जरूर प्रयोग करें. जिस खेत में जिप्सम, NPK, जिंक सल्फेट सहित माइक्रोन्यूट्रिएंट का इस्तेमाल किया गया है तो उसमें जड़ का विकास अच्छा होता है. क्योंकि आलू जड़ में लगते हैं तो जड़ के साथ-साथ आलू का विकास भी अच्छा होता है.

Location :

Saharanpur,Uttar Pradesh

First Published :

September 14, 2025, 15:47 IST

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