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Ghaziabad Public Opinion IND-PAK Match : भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर देश में गुस्सा उबल रहा है. लोग साफ कह रहे हैं पाकिस्तान से कोई रिश्ता न रखा जाए. गाजियाबाद के लोगों ने भी एक सुर में अपनी राय रखी.
जब दुश्मनी इतनी गहरी
गाजियाबाद के रहने वाले अली ने साफ कहा कि मौजूदा हालात में भारत को पाकिस्तान से कोई भी रिश्ता नहीं रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का शुरू से ही भारत के प्रति रवैया शत्रु जैसा रहा है. जब दुश्मनी इतनी गहरी है तो क्रिकेट जैसे खेल का भी कोई मतलब नहीं.
अली कहते हैं कि कुछ समय पहले इंग्लैंड में युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने पाकिस्तान के साथ खेलने से इनकार कर दिया था. चाहे मैच न हो और पाकिस्तान को दो अंक मिल जाएं, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों को उनसे हाथ मिलाने जैसी मजबूरी नहीं होनी चाहिए. हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ी ही सच्चे देशभक्त हैं. विनीत शर्मा ने कहा कि यह बहुत अफसोस की बात है कि एक तरफ भारतीय सैनिक अपनी जान देकर सरहद की रक्षा कर रहे हैं और दूसरी तरफ हम पाकिस्तान के साथ मैच खेल रहे हैं. उन्होंने कहा पाकिस्तान ने हाल ही में आतंकवादी भेजकर भारत में लोगों की धर्म पूछकर हत्या कराई थी. ऐसे में सरकार को तुरंत इस मैच पर रोक लगानी चाहिए. देश का हर नागरिक सैनिकों की तरह दुश्मन से लड़े तभी सही मायनों में शहीदों को श्रद्धांजलि होगी.
गाजियाबाद के गोल्डी सहगल ने खिलाड़ी होने के नाते अपने दिल की बात कही. उन्होंने कहा एक खिलाड़ी होने के नाते मैं चाहता था कि मैच हो लेकिन देशभक्ति सबसे ऊपर है. पाकिस्तान से हमारे रिश्ते किस तरह हैं, ये सभी जानते हैं. चाहे खेल हो या राजनीति, पाकिस्तान से कोई भी संबंध नहीं रखना चाहिए. भारतीय टीम को भी इस मैच का बहिष्कार करना चाहिए था. पाकिस्तान इस तरह के मैचों से सट्टा बाजार में करोड़ों रुपए कमाता है और अपने खर्च पूरे करता है. कोई भी सच्चा देशभक्त यह नहीं चाहेगा कि पाकिस्तान को फायदा मिले.
विकास त्यागी ने अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा कुछ महीने पहले पहलगाम हमले में कई निर्दोष लोग मारे गए थे. उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर में भी बड़ा नुकसान हुआ था. ऐसे में पाकिस्तान जैसे देश से मैच खेलना शहीदों के बलिदान का अपमान है. सरकार को चाहिए कि इस मैच पर तत्काल रोक लगाए और साथ ही आईसीसी से अपील करे कि पाकिस्तान को ही बैन कर दिया जाए. जो देश आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है उसे क्रिकेट खेलने का कोई हक नहीं.

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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