नेपाल में प्रदर्शन और जेल से फरार कुछ कैदियों ने भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे. इस दौरान एसएसबी के जवानों को इस घुसपैठ पर शक हुआ और कुछ लोगों को दबोच लिया. घंटों पूछताछ के बाद पता चला कि ये नेपाल की जेल से भागे हुए कैदी थे, जिन्हें बाद में नेपाल आर्मी को सौंप दिया गया.
इस रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार की जांच एजेंसियां ही नहीं, उत्तर प्रदेश की एजेंसी भी सक्रिय हो गई. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बेहद सुनियोजित तरीके से मुस्लिम समुदाय के लोगों को सीमावर्ती इलाकों में बसाया जा रहा है. यह कृत्य करीब 15 साल से जारी होने की वजह से इन इलाकों की डेमोग्राफी में भी बदलाव देखा गया है.
रंजीत बोझा गांव के स्थानीय लोगों ने ऐसा दावा किया है कि गांव में मुस्लिम आबादी लगभग 100% बढ़ी है. छांगुर बाबा द्वारा अवैध धर्मांतरण, देश को आर्थिक चोट पहुंचना समेत इंडो-नेपाल बॉर्डर पर देश विरोधी ताकतों का एक्टिव होने की बात जैसे ही सामने आई उत्तर प्रदेश सरकार एक्टिव हो गई. उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है और अवैध मदरसे व मस्जिदों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया.
सीमावर्ती इलाकों में पुलिस व गुप्तचर टीमों द्वारा पेट्रोलिंग में वृद्धि हुई है. जनवरी 2025 से अब तक तस्करी और एनडीपीएस (नार्कोटिक ड्रग्स) मामलों में 100 से अधिक FIR दर्ज की गई हैं. एसपी बहराइच, डीपी तिवारी ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर हर गतिविधि पर उत्तर प्रदेश पुलिस और एसएसबी जवानों की पैनी नजर है। डेमोग्राफिक बदलाव के आरोपों की जांच हमारी एजेंसियां कर रही हैं.

