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अमिताभ बच्चन को मिस्र के अलेक्जेंड्रिया इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ‘सदी के अभिनेता’ का खिताब मिला, पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण और दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड भी मिले हैं.

नई दिल्ली. बॉलीवुड में अगर किसी का नाम चार दशक से भी ज्यादा वक्त से लगातार चमक रहा है, तो वो हैं अमिताभ बच्चन. जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक लंबा और दुबला-पतला नौजवान एक दिन सदी का सबसे बड़ा सुपरस्टार कहलाएगा. उनके चाहने वाले सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हैं.

10 सितंबर 2001 को मिस्र में हुए अलेक्जेंड्रिया इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अमिताभ बच्चन को ‘सदी के अभिनेता’ (Actor of the Century) का खिताब दिया गया था. यह सिर्फ एक अवॉर्ड नहीं था, बल्कि भारतीय सिनेमा को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान था.

अमिताभ का फिल्मी सफर 1969 में फिल्म सात हिंदुस्तानी से शुरू हुआ. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली, लेकिन उनका अभिनय सबकी नजरों में छा गया. इसके बाद उन्होंने आनंद में डॉक्टर भास्कर का रोल किया, जो दर्शकों के दिल को छू गया. इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर अवॉर्ड भी मिला.

उनकी असली पहचान 1973 में आई फिल्म जंजीर से बनी. इंस्पेक्टर विजय खन्ना के रोल ने उन्हें ‘एंग्री यंग मैन’ बना दिया. इसके बाद दीवार, शोले, डॉन, त्रिशूल, अमर अकबर एंथनी जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड का नंबर वन स्टार बना दिया.

1970 और 80 का पूरा दौर अमिताभ के नाम रहा. हर साल उनकी फिल्में हिट होती रहीं. लेकिन 1982 में कुली फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें गंभीर चोट लगी और जिंदगी खतरे में पड़ गई. उस वक्त लाखों फैंस ने उनके लिए मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों में दुआएं मांगीं.

फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने टीवी पर भी अपनी छाप छोड़ी. साल 2000 में कौन बनेगा करोड़पति से उन्होंने छोटे पर्दे पर एंट्री की. शो को जबरदस्त सफलता मिली और इसने उनकी पहचान को एक नई जान दी. इसके बाद मोहब्बतें, बागबान, ब्लैक, पा, पिंक, और शमिताभ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपने उम्र और अनुभव के मुताबिक दमदार किरदार निभाए.

अपनी इन तमाम उपलब्धियों और संघर्षों के चलते ही 10 सितंबर 2001 को उन्हें मिस्र में ‘सदी के अभिनेता’ का खिताब दिया गया. यह सिर्फ अमिताभ बच्चन के लिए नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए भी गर्व का पल था. वहां मौजूद दर्शकों और विदेशी समीक्षकों ने खड़े होकर उनकी तालियों से सराहना की.

अमिताभ बच्चन को अब तक कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं. भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री (1984), पद्मभूषण (2001) और पद्मविभूषण (2015) से नवाजा है. साथ ही उन्हें दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड भी मिल चुका है, जो भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान है.
