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रामलीला कमेटी के सदस्य संदीप कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि यह रामलीला गांव के सहयोग से आयोजित होती रही है. जिसमें इस बार भी गांव वालों का भरपूर सहयोग मिल रहा है.यही वजह है कि इस रामलीला ने अपने आयोजन के लगभग 11…और पढ़ें
इस गांव में होती है रामलीला
शहर से लगभग 4 किलोमीटर दूर परउपुर गांव में रामलीला आयोजित होती है.जिसमें आयोजन की तैयारी गांव के बच्चों से लेकर बूढ़े तक करते हैं. रामलीला कमेटी के सदस्य संदीप कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि यह रामलीला गांव के सहयोग से आयोजित होती रही है. जिसमें इस बार भी गांव वालों का भरपूर सहयोग मिल रहा है.यही वजह है कि इस रामलीला ने अपने आयोजन के लगभग 114 साल के क्रम को नहीं तोड़ा. 2025 में भी यह आयोजित हो रही है.
परउपुर में होने वाली इस ऐतिहासिक रामलीला की खास बात यह है कि इसमें भाग लेने वाले सभी कलाकार एक ही परिवार से संबंधित हैं. जब से यह रामलीला आयोजित हो रही है तभी से ये सभी कलाकार एक दूसरी पीढ़ी को अपनी कला को हस्तांतरित करते हुए आ रहे हैं. जो आज चौथी पीढ़ी के लोग इस रामलीला में भाग लेते हैं. वहीं दीवानी न्यायालय में वकालत कर रहे रुद्रांश श्रीवास्तव इस रामलीला में रावण का अभिनय करते हैं.
यह है कार्यक्रम का शेड्यूल
स्थानीय निवासी रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार रामलीला का आयोजन 28 सितंबर से प्रारंभ होगा और 5 अक्टूबर तक चलेगा. यह रामलीला रात्रि 8:30 बजे से 1:30 तक चलेगी. आपको बता दें कि इस रामलीला को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग आते हैं. इस रामलीला के आयोजन से सुल्तानपुर के कई गांव के लोग आनंदित होते हैं.रामायण के पत्रों का और उनके चरित्र के महत्व को समझते हैं.

